नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कोलकाता के आर जी कर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर मामले में डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी है। ये लोग पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय के बाहर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टर पिछले 40 घंटे से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा डॉक्टरों को काम पर वापस लौटने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी है।
बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को किया तैनात
स्वास्थ्य भवन के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। साथ ही ट्रैफिक मूवमेंट को भी रेग्यूलेट किया गया है। विरोध कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वो लोग अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। राज्य सरकार उनके साथ बात करने के लिए तैयार नहीं है। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमारे प्रदर्शन के पीछे कोई राजनीति नहीं है।
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल 34वें दिन जारी
जूनियर डॉक्टरों के लगातार 34वें दिन हड़ताल करने के कारण स्वास्थ्य सेवा प्रभावित है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य का कहना है कि बुधवार को सरकार ने कहा था कि वो बातचीत करने के लिए तैयार हैं। हो सकता है राजनीतिक ताकतें विरोध प्रदर्शनों को प्रभावित कर सकती हैं।
मेल को बताया अपमानजनक
हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को पत्र लिखकर मामले को सुलझाने के लिए सचिवालय नबन्ना में एक बैठक में बुलाई थी। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि बैठक के लिए जो mail राज्य के स्वास्थ्य सचिव का था वे वही हैं जिनका वे इस्तीफा मांग रहे थे। डॉक्टरों ने इसे “अपमानजनक” बताया था।
उल्लेखनीय है कि 9 अगस्त को कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में सेमीनार हॉल से एक ट्रेनी डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उसकी रेप के बाद हत्या कर दी गई। इस मामले में एक सिविक वॉलंटियर को गिरफ्तार कर लिया गया था। कोलकाता के कोर्ट के आदेश के बाद CBI मामले की जांच कर रही है। मामले में अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष भी हिरासत में हैं।




