back to top
24.1 C
New Delhi
Monday, March 30, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

दिल्ली-NCR में फिर कोविड-19 की दस्‍तक, 2 मरीज मिलने से स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अलर्ट, आइसोलेशन में भर्ती

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में करीब ढाई साल बाद बुखार से पीड़ित दो मरीजों की जांच करने पर उनमें कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई है।

 नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । दिल्ली-NCR में कोरोना वायरस ने एक बार फिर से दस्तक दे दी है। साल 2020 के बाद से इसका खौफ लोगों में बहुत देखा गया। इस महामारी से दुनिया में सैंकड़ों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उस दौर में कोविड-19 ने खूब तबाही मचाई। जैसे लोगों को भूला पाना मुस्किल था कि इस बीच, और यह वायरल ने एक फिर दस्‍तक दे दिया है। दिल्ली से सटे गुरुग्राम में करीब ढाई साल बाद बुखार से पीड़ित दो मरीजों की जांच करने पर उनमें कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई है। 

दोनों मरीजों का होम आइसोलेशन (Home Isolation) में इलाज चल रहा है। वहीं, फरीदाबाद में भी 1 मरीज कोरोनावायरस से संक्रमित पाया गया है। होंग कॉन्ग और सिंगापुर में कोविड मामलों में वृद्धि की खबरों के बीच, मुंबई में भी कुछ कोविड पॉजिटिव मामले सामने आए। और अब ताजा दो मामले दिल्ली के सटे गुरुग्राम से सामने आया है। 

इस दौरान कोरोना से निपटने लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। गुरुग्राम के CMO ने कहा कि- माइल्ड सिम्टम्स है घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्‍तैद है। उन्होंने कहा कि जुखाम, खांसी होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। कुल मामलों में 257 से ज्यादा नए केस देखने को मिले है। जिसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है।

इस दौरान कोरोना वायरल अपने पैर पसार रहा है। एशिया में सबसे ज्‍यादा मामले पाए गए थे। इस बीच, भारत में भी कोविड-19 मामले अब देखने को मिल रहा है। इस बार कोरोना के केस तेजी से बढ़ने की वजह ओमिक्रॉन का JN.1 वैरिएंट है जो बहुत जल्दी अपने पैर पसार रहा है। फैलता है और अब इसका असर दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा रहा है।

JN.1 वैरिएंट क्या है?

 JN.1 कोरोना वायरस का एक यह नया वैरिएंट है, जो ओमिक्रॉन से जुड़ा है। यह BA.2.86 नाम के पुराने वेरिएंट से निकला है, जिसे पिरोला के नाम से भी जाना जाता है। यह वेरिएंट 2023 के बाद सेस अमेरिका, यूके, भारत, सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में तेजी से फैल गया। इस वायरल में एक खास बदलाव (म्यूटेशन) हुआ है। इस बदलाव की वजह से यह वायरस ज्यादा तेजी से फैल सकता है। यह शरीर की उस इम्युनिटी को भी बेद सकता है, जो वैक्सीन लगवाने या पहले कोविड होने के बाद बनी थी।

 कितना खतरनाक है JN.1? 

फिलहाल आंकड़ों के अनुसार, जाने तो यह JN.1 वेरिएंट ओमिक्रॉन के पुराने वेरिएंट्स की तरह ही है और इससे गंभीर बीमारी होने का खतरा बहुत कम है। इनमें गले में खराश, बहती नाक, हल्का बुखार, थकान और खांसी जैसे लक्षण शामिल हैं। ये लक्षण पहले वाले ओमिक्रॉन वायरस से बहुत मिलते-जुलते हैं। हालांकि, JN.1 की सबसे बड़ी चिंता इसकी तेजी से फैलने की क्षमता है। यह वेरिएंट बहुत आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, इसलिए इसके केस तेजी से बढ़ सकते हैं। 

Advertisementspot_img

Also Read:

दीपिका कक्कड़ को लिवर कैंसर के इलाज के कुछ महीने बाद एक नई स्वास्थ्य समस्या, पति ने किया खुलासा…

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। टीवी एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़, जिन्होंने 2025 में स्टेज‑2 लिवर कैंसर का सामना किया और उसकी सर्जरी कराकर अस्पताल से ठीक होकर...
spot_img

Latest Stories

IPO News: भारत में जल्द आने वाला है इतिहास का सबसे बड़ा IPO, 31 मार्च तक फाइल हो सकता है DRHP

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश के शेयर बाजार में जल्द...

निहाल नाम का मतलब- Nihal Name Meaning

Nihal Name Meaning – निहाल नाम का मतलब: Satisfied,...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵