नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत में एक बार फिर कोरोना ने पैर पसारना शुरु कर दिया है, जिसमें अब तक केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों में कोरोना के मामले सबसे ज्यादा पाए गए है। अकेले केरल में ही एक्टिव मामले बढ़कर 1400 हो गए है। कुल मिलाकर सक्रिय मामले 3758 पर पहुंच गए है। वहीं पिछले 24 घंटे में 363 नए मामले में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। आइए जानते है कोरोना को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या कहा?
कोविड-19 डैशबोर्ड के अनुसार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड-19 डैशबोर्ड के अनुसार, देश में कोविड 3758 एक्टिव मामले दर्ज होने पर आने वाले दिनों में एक बार फिर से प्रशासन की ओर से सख्ती देखने को मिल सकती है।
सिर्फ 10 दिन में 257 से 3700 पार पहुंचे मामले
22 मई 2025 को जहां देश में सिर्फ 257 सक्रिय केस थे, वहीं 26 मई तक यह आंकड़ा 1010 तक पहुंचा और अब बीते 24 घंटों में 363 नए केस सामने आए हैं जिसमें दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसपर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिंता जाहिर करते हुए अस्पतालों और संवेदनशील क्षेत्रों में कोविड प्रोटोकॉल को फिर से लागू किए जाने की बात कही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड डैशबोर्डके अनुसार, कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आने वाले दिनों में सरकार सख्ती बरत सकती है।
केरल, महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित
देशभर में कोविड मामलों में तेजी देखी जा रही है। इसमें खासतौर पर केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। जिसमें अभी ज्यादातर मामलों में लक्षण हल्के हैं जिसमें गंभीर बीमारी या मौत का जोखिम कम बताया जा रहा है। वहीं केरल में 1400 कोरोना के मामले चल रहे है। और महाराष्ट्र में 485 और दिल्ली में 436 मामले
ओमिक्रॉन वेरिएंट के नए स्वरूपों का फैलाव
कोविड मामलों की इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण ओमिक्रॉन वेरिएंट के नए रूप का है जिसमें JN.1 की शाखाएं LF.7 और NB1.8 जिसे ‘पिरोला’ स्ट्रेन भी कहा जाता है। यह BA.2.86 वेरिएंट से निकला है और यह शरीर की मौजूदा इम्यूनिटी को पार कर सकता है। फिलहाल, इस नए वेरिएंट के लक्षण ओमिक्रॉन जैसे ही पाए गए है जो अधिक तेजी से फैलता है। देश में जहां एक ओर कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे तो वही ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी थोड़ी राहत दे रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में अबतक कोरोना से मरने वालों की संख्या 28 हो चुकी, केरल और महाराष्ट्र में अब तक 7-7 लोगों की मौत हो चुकी है।





