नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । देश में एक बार फिर कोरोना वायरस चिंता का कारण बन रहा है। सक्रिय संक्रमितों की संख्या 7,000 का आंकड़ा पार कर चुकी है। बुधवार को ही 33 नए मामले सामने आए। संक्रमण के मामलों में केरल सबसे प्रभावित राज्य बना हुआ है। नए वेरिएंट के चलते अब तक देशभर में 77 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से सबसे अधिक 21 मौतें महाराष्ट्र में दर्ज की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है और सभी राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
महाराष्ट्र और गुजरात में तेजी से बढ़ रहे मामले
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के भीतर कोरोना वायरस से 30 लोगों की जान जा चुकी है। अकेले बुधवार को ही संक्रमण के कारण 3 मौतें दर्ज की गईं। महाराष्ट्र में अब तक 615 संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि गुजरात में 1,281 नए मामले सामने आए हैं। गोवा में छह और जम्मू-कश्मीर में अब तक 12 संक्रमितों की पहचान हुई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सतर्क है और आवश्यक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
केरल में अस्पतालों में मास्क पहनना जरूरी
कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए केरल सरकार ने अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही, यदि कोई मंत्री प्रधानमंत्री से मुलाकात करता है, तो उसके लिए RT-PCR टेस्ट कराना जरूरी होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने हालात को गंभीरता से लेते हुए देशभर के राज्यों और सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सतर्क रहने और तैयारियां मजबूत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने दी सतर्कता बरतने की सलाह
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के कई राज्यों में कोविड-19 के नए वेरिएंट की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई है। इनमें LF-7, एक्सएफजी, JN-1 और NB-1.8.1 वेरिएंट की पहचान हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कोरोना से मिलते-जुलते कोई भी लक्षण दिखाई दें, भले ही हल्के हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन नए वेरिएंट्स के लक्षण सामान्यतः एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक बने रह सकते हैं। इनमें थकावट, बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं शामिल हैं। साथ ही, डॉक्टर से परामर्श लेकर बूस्टर डोज लेने की सलाह भी दी गई है।





