नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज देश में अघोषित आपातकाल चल रहा है और संविधान, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी को खत्म किया जा रहा है। खरगे बोले – “संविधान को बचाने वाले देश की जनता और कांग्रेस पार्टी हैं, ना कि वे लोग जो कभी संविधान की प्रतियां जलाते रहे हैं।
“चुनाव आयोग बना कठपुतली, EVM मशीनें जीत रही हैं चुनाव”
चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए खरगे ने कहा कि आज चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा, वह सरकार की कठपुतली बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया “आज चुनाव मोदी नहीं जीतते, मशीन जीतती है। खरगे ने महाराष्ट्र में वोटर संख्या में अचानक 8% की बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाया – “कुछ महीनों में इतने नए वोटर कैसे आ गए?” “अभिव्यक्ति की आजादी खत्म, विरोध करने वाला देशद्रोही बना दिया जाता है खरगे ने कहा कि अब सरकार के खिलाफ बोलना देशद्रोह माना जाता है। छात्रों, पत्रकारों और विरोधी नेताओं को जेल में डाला जा रहा है। जिस सरकार में सहिष्णुता नहीं है, वह हमें लोकतंत्र का पाठ न पढ़ाए।” “ये सरकार सिर्फ अमीरों की है” आर्थिक असमानता का जिक्र करते हुए खरगे बोले “मोदी सरकार ने अमीरों को और अमीर बनाया, गरीबों को और गरीब। कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ यात्रा’ से बीजेपी डर गई है।”
“ट्रंप भारत को डरा रहे थे, मोदी चुप बैठे थे”
विदेश नीति पर तंज कसते हुए खरगे बोले कि जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत-पाक के बीच मध्यस्थता की, तब मोदी सरकार चुप रही। विश्वगुरु बनने की बात करने वालों को ट्रंप के डर पर चुप्पी क्यों?” “आपातकाल की बात करने वालों ने कभी संविधान की रक्षा नहीं की” खरगे ने कहा कि जो आज आपातकाल की बातें कर रहे हैं, उन्होंने ना तो आज़ादी की लड़ाई लड़ी, ना ही संविधान बनाने में योगदान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये वही लोग हैं जिन्होंने रामलीला मैदान में संविधान जलाया और गांधी-नेहरू-अंबेडकर के पुतले फूंके।
“राहुल गांधी से डरती है मोदी सरकार”
खरगे ने कहा कि राहुल गांधी की यात्राओं ने युवाओं में जोश भर दिया है। सरकार इस जोश से घबराकर संविधान, राष्ट्रवाद और आपातकाल की आड़ में जनता को गुमराह कर रही है। मल्लिकार्जुन खरगे का यह बयान मोदी सरकार पर अब तक के सबसे तीखे राजनीतिक हमलों में से एक है। उन्होंने चुनाव आयोग, मीडिया, विदेश नीति और संविधान सभी पर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना यह होगा कि बीजेपी इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देती है।





