नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शांति धारीवाल ने अपने भाषण में असंसदीय शब्दों का प्रयोग कर विधानसभा की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का कार्य किया है। शांति धारीवाल को कांग्रेस का बड़ा नेता बताया जाता है। वह कोटा से 3 बार विधायक चुने जा चुके हैं। शांति धारीवाल ने पिछले विधानसभा के चुनाव में भी कोटा उत्तर से जीत दर्ज की है। वह एक बार कोटा लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं।
सभापति संदीप शर्मा के लिए असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया
यही नहीं शांति धारीवाल कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। लेकिन इतना राजनीतिक अनुभव होने के बाद भी उन्होंने राजस्थान विधानसभा में सभापति संदीप शर्मा के लिए असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया। यह बात अलग है कि शांति धारीवाल ने यह असंसदीय शब्दों का प्रयोग मजाक मजाक में किया। अगर वरिष्ठ नेता ही विधानसभा की गरिमा को बनाए नहीं रखेंगे तो वे जनता को क्या शिक्षा देंगे। विधानसभा में इस तरह के असंसदीय शब्दों का प्रयोग करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल ने इन असंसदीय शब्दों का प्रयोग विधानसभा में यूडीएच की अनुदान मांगों पर बोलते हुए किया।
उन्होंने अपने भाषण में अफसरों को गालियां भी दी
बता दें कि विधानसभा में सभापति संदीप शर्मा ने उन्हें अपनी बात जल्दी पूरी करने को कहा था, तभी कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल ने सभापति को कहा कि आपको कोटा में रहना है कि नहीं? यही नहीं उन्होंने अपने भाषण में अफसरों को गालियां भी दी।
शांति धारीवाल को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का खास बताया जाता है
शांति धारीवाल को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का खास बताया जाता है। शांति धारीवाल की राजस्थान कांग्रेस में अच्छी पकड़ बताई जाती है। यह बात सब जानते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार में कई बार खतरा बना था। वहीं शांति धारीवाल ने एक बार अशोक गहलोत सरकार पर आए खतरे को टालने में बड़ी भूमिका निभाई थी। वहीं राजनीति का इतना अच्छा अनुभव होने के बाद भी विधानसभा में असंसदीय शब्दों का प्रयोग करना इतने वरिष्ठ नेता को नहीं भाता है।अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in





