नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । पिछले कई दिनों से वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पार्टी के प्रति अपने बगावती तेवर बरकरार रखें हुए हैं। कभी वो पीएम मोदी की तारीफ करते हुए तो कभी अपने आप को पार्टी और देश के प्रति वफादार और ईमानदार कार्यकर्ता माने है। लेकिन पिछले कई दिनों से उन्होने कांग्रेस पार्टी से दूरी बनाएं हुए है। वही, इस बीच, कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता के. मुरलीधरन ने रविवार को शशि थरूर लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होने थरुर को चेतावनी भी दी है।
क्या बोले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने शशि पर एक बड़ी बात कह दी है। और इतना तक कह दिया। थरूर की आलोचना करते हुए मुरलीधरन ने कहा कि तिरुवनंतपुरम के सांसद को राज्य की राजधानी में कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम में तब तक आमंत्रित नहीं किया जाएगा, जब तक कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपना रुख नहीं बदलते।
पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन ने यह भी कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य थरूर को अब “हम में से एक” नहीं माना जाता। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा कि थरूर के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए।
थरूर को दी चेतावनी
पूर्व केंद्रीय मंत्री के. मुरलीधरन ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर थरूर के अपने विचारों पर अड़े रहने के सवालों के जवाब देते हुए कहा, “जब तक वह (थरूर) अपना रुख नहीं बदलते, हम उन्हें तिरुवनंतपुरम में आयोजित किसी भी पार्टी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं करेंगे। वह हमारे साथ नहीं हैं, इसलिए उनके किसी कार्यक्रम का बहिष्कार करने का सवाल ही नहीं उठता।”
उनकी यह टिप्पणी थरूर द्वारा कोच्चि में एक कार्यक्रम में अपने रुख का बचाव करने के एक दिन बाद आई है। थरूर ने कहा था, “राष्ट्र पहले आता है और पार्टियां देश को बेहतर बनाने का माध्यम हैं।”
थरूर ने कह दी थी ये बात
कांग्रेस ने सीनियर नेता शशि थरूर ने कहा, “देश और उसकी सीमाओं पर हाल ही में जो कुछ हुआ, उसके सिलसिले में सशस्त्र बलों और केंद्र सरकार का समर्थन करने के मेरे रुख़ के कारण बहुत से लोग मेरी कड़ी आलोचना कर रहे हैं। लेकिन मैं अपनी बात पर अड़ा रहूंगा, क्योंकि मेरा मानना है कि देश के लिए यही सही है।”
थरूर ने आगे कहा कि जब उनके जैसे लोग राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में अन्य दलों से सहयोग की अपेक्षा करते है, तो अक्सर उनकी अपनी ही पार्टियां उन्हें विश्वासघाती समझती हैं। उन्होंने आगे कहा, “यह एक बड़ी समस्या बन जाती है।”
मुरलीधरन ने पहले भी की थी थरूर की आलोचना
मुरलीधरन ने एक सर्वेक्षण साझा करने पर उन पर निशाना साधा था जिसमें कहा गया था कि थरूर यूडीएफ की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे पसंदीदा विकल्प हैं। उन्होंने कहा था, “उन्हें पहले यह तय करना चाहिए कि वह किस पार्टी से हैं।”
ऐसे में बता दें कि, थरूर और पार्टी नेतृत्व के बीच बढ़ती दरार को दर्शाती है, खासकर पहलगाम आतंकी हमले के बाद उनके बयानों से बगावत के संकेत मिले थे। और इस दौरान, कुछ कांग्रेस नेताओं का मानना है कि उनकी टिप्पणियों ने पार्टी को रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है।




