नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय ED ने कांग्रेस के नेशनल हेराल्ड अखबार और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुडे मनी लॉन्ड्रिंग केस में मंगलवार को पहली चार्जशीट दाखिल कर दी। इसमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी और सैम पित्रोदा का नाम शामिल किया गया है। ED की इस कार्यवाई के विरोध में आज बुधवार को कांग्रेस सड़को पर उतरी हुई है। कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह धमकाने का काम कर रहे हैं।
जगह जगह कांग्रेस का विरोध
विरोध प्रदर्शन का अखाड़ा केवल AICC ही नहीं बल्कि देश के अलग अलग राज्य बने हुए हैं। दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय से पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। पटना के कांग्रेस दफ्तर के बाहर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। जयपुर के कार्यकर्ताओं में भी उबाल देखने को मिल रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर देश भर में कांग्रेस दफ्तरों के बाहर सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने जताया विरोध
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ”हम कोर्ट में भी जाएंगे। एक भी पैसे का लेन देने नहीं हुआ है। मनी लांड्रिंग का केस पॉलिटिकल मोटिवेटिड है। गांधी परिवार को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। हम पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं, उन्हें यह पसंद नहीं है, इसलिए केंद्र सरकार ने जानबूझकर यह कदम उठाया है।” जयराम रमेश ने भी कहा कि ”नेशनल हेराल्ड की संपत्ति जब्त करना कानून के शासन का मुखौटा पहने हुए राज्य प्रायोजित अपराध है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करना प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की ओर से बदले की राजनीति और धमकी के अलावा कुछ नहीं है। हालांकि, कांग्रेस और उसका नेतृत्व चुप नहीं रहेगा। सत्यमेव जयते।”





