नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कुणाल कामरा के द्वारा एकनाथ शिंदे पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में कुणाल कामरा को बड़ी राहत मिली है। मद्रास हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है। 7 अप्रैल तक उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकेगी। कोर्ट ने अपने ऑर्डर में कहा है कि याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि वे महाराष्ट्र की अदालत में अप्रोच नहीं कर सकते… क्योंकि उनकी जान को खतरा है। बता दें कि कुणाल कामरा तमिलनाडु के विल्लुपरम के रहने वाले हैं और दर्ज मामले के लिए उन्होंने महाराष्ट्र जाने में असमर्थता जताई है।
मद्रास HC ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई
कुणाल कामरा की कथित विवादित टिप्पणी पर मुंबई पुलिस ने उन्हें 31 मार्च को समन भेजकर पूछताछ करने के लिए बुलाया था। लेकिन इस विवाद के बाद से ही कुणाल कामरा के खिलाफ शिवसेना शिंदे गुट की ओर से जो बयान आ रहे हैं उनको देखते हुए कुणाल कामरा ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अंतरिम बेल की गुजारिश करते हुए याचिका लगाई थी जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 7 अप्रैल तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। जब तक कुणाल कामरा स्थायी कानूनी उपाय नहीं कर लेते हैं तब तक उन्हें गिरफ्तारी से राहत दी जाएगी।
विवादित टिप्पणी के बाद जमकर हुआ था विरोध
कुणाल कामरा ने एक पैरोडी गाने के जरिए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तंज कसा था जिसके बाद शिवसैनिकों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। जिस स्टूडियो में उन्होंने शूटिंग की थी उस स्टूडियो में तोड़फोड की गई। हालांकि इसके बावजूद भी उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया था। उद्धव ठाकरे ने कुणाल कामरा के बयान का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि कामरा ने जो कहा ठीक कहा, जो गद्दार है वो गद्दार है।





