नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गौकशी करवाने और कसाइयों से संबंध रखने वाले समाजवादी पार्टी के लोग गौ माता की सेवा के बारे में क्या जानेंगे। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर भी कटाक्ष किया और कहा कि अब दंगाई चूहे की तरह बिलबिलाते हैं, लेकिन बाहर निकलने की हिम्मत नहीं करते क्योंकि उन्हें दंगे करने के परिणामों का अंदाजा है।
933 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली में 933 करोड़ रुपये की 132 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके अलावा, राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक जीवन रक्षक सुविधाओं से लैस 2554 नई एंबुलेंस को भी हरी झंडी दिखाई।
‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ और ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में दाखिले को बढ़ावा देने के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ और संक्रामक रोगों के उन्मूलन के लिए ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, यह समाज की भी जिम्मेदारी है। सीएम योगी ने कहा कि 2017 में यूपी की शिक्षा व्यवस्था खराब हालत में थी, लेकिन अब सुधार किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले 1.24 करोड़ बच्चों का नामांकन था, जिनमें से 60% स्कूल नहीं जाते थे। अब यह संख्या बढ़कर 1.91 करोड़ हो गई है। रकार ने 1.91 करोड़ बच्चों को वर्दी, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर मुहैया कराए हैं। साथ ही, 96% स्कूलों में शौचालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और फर्नीचर की सुविधाएं दी गई हैं।
संचारी रोगों पर नियंत्रण
सीएम योगी ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में इंसेफेलाइटिस पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है। पहले हर साल हजारों बच्चों की जान जाने वाली यह बीमारी अब काबू में है। उन्होंने बताया कि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और कालाजार जैसी बीमारियों के उन्मूलन के लिए सरकार व्यापक जनजागरूकता अभियान चला रही है। सीएम योगी ने कहा कि अटल आवासीय स्कूलों की तर्ज पर हर जिले में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय खोले जा रहे हैं। पहले चरण में 57 जिलों में ये विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। आगे तहसील, विकासखंड और न्याय पंचायत स्तर पर भी इन्हें स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान से जुड़ें और प्रदेश की साक्षरता दर को बढ़ाएं। उन्होंने खासतौर पर बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि हर बच्चा स्कूल जाए, यह समाज की जिम्मेदारी है।




