नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी राहत दी है। अब इन कर्मचारियों को हर महीने की 5 तारीख तक वेतन मिलेगा और उनकी सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS)’ बनाने का निर्णय लिया है।
अब खत्म होगी वेतन में देरी और मनमानी कटौती की समस्या
मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों के साथ हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में कहा कि मौजूदा व्यवस्था में आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा समय पर वेतन न देना, कटौती, EPF/ESI की अनदेखी, और कर्मचारियों का उत्पीड़न जैसी समस्याएं आम हैं। इन्हीं दिक्कतों को खत्म करने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
UPCOS के गठन से क्या-क्या फायदे होंगे?
हर कर्मचारी को सीधे बैंक खाते में वेतन ईपीएफ, ईएसआई जैसे सभी लाभ समय पर मिलेंगे कर्मचारी का अनुभव होगा तो चयन में वेटेज चयनित कर्मचारी को विभाग की अनुमति के बिना नहीं हटाया जा सकेगा रेगुलेटरी बॉडी के रूप में निगम निगरानी करेगा नियम तोड़ने पर एजेंसियों पर पेनाल्टी, ब्लैकलिस्टिंग और कानूनी कार्रवाई होगी।
कंपनी एक्ट के तहत होगा निगम का गठन
CM योगी ने कहा कि UPCOS का गठन कंपनी एक्ट के तहत किया जाएगा। इसकी कमान मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के पास होगी। एक महानिदेशक की भी नियुक्ति की जाएगी। मंडल और जिला स्तर पर स्थानीय समितियां भी बनाई जाएंगी। अब जेम पोर्टल के माध्यम से एजेंसियों का कम से कम तीन साल के लिए चयन किया जाएगा। इससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्थायित्व सुनिश्चित होगा।
आरक्षण और प्राथमिकता का पूरा ध्यान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि नियुक्तियों में SC, ST, OBC, EWS, महिलाओं, दिव्यांगों और पूर्व सैनिकों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके अलावा निराश्रित, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि अब से किसी भी नियमित पद पर आउटसोर्सिंग कर्मचारी तैनात नहीं किया जाएगा। यदि किसी को हटाना है, तो संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी की सिफारिश जरूरी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार हर कर्मचारी के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। UPCOS से प्रशासनिक दक्षता भी बढ़ेगी और कर्मचारियों को भरोसा व पारदर्शिता मिलेगी।





