नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में रहने वाले सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हक में एक अहम फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने राज्य में रहने वाले सैनिकों को दी जाने वाली अनुग्रह अनुदान राशि में बढ़ोतरी की है। बिहार की नीतीश सरकार ने यह राशि 11 लाख रुपये से बढ़ाकर 21 लाख रुपये कर दी है। सीएम नीतीश कुमार ने देश के वीर जवानों के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करते हुए यह फैसला लिया है।
50,000 रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई है।
दरअसल, मुख्यमंत्री आवास पर सीएम नीतीश कुमार ने सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक ब्रिगेडियर मृगेंद्र कुमार के साथ विशेष बैठक करती हुए ये घोषणा की। इस दौरान ब्रिगेडियर मृगेंद्र कुमार ने सीएम नीतीश कुमार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस का ध्वज बैज प्रदान किया। अब यदि बिहार निवासी कोई सैनिक ड्यूटी के दौरान हुतात्मा हो जाता है तो राज्य सरकार उसके परिवार को 21 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि देगी, पहले यह अनुग्रह अनुदान राशि 11 लाख रुपये थी। वहीं, सशस्त्र सेवाओं से मुक्त हुए दिव्यांग सैनिकों के लिए अनुग्रह अनुदान की राशि पहले के 50,000 रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई है।
10 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी गई है।
इसके साथ ही बिहार सरकार ने सैनिकों को दी जाने वाली सम्मान राशि में भी बढ़ोतरी की है. उदाहरण के तौर पर परमवीर चक्र की पुरस्कार राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी गई है। अशोक चक्र पुरस्कार की राशि आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दी गई है। महावीर चक्र का पुरस्कार पाँच लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये, कीर्ति चक्र का पुरस्कार चार लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये और शौर्य चक्र का पुरस्कार दो लाख रुपये से बढ़ाकर नौ लाख रुपये कर दिया गया है।





