नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर में गुरुवार को बादल फटने की एक बड़ी घटना सामने आई। इस हादसे में समेज गांव के 25 घर नदी में बह गए, और 36 लोग लापता हो गए हैं। लापता लोगों में 8 बच्चे भी शामिल हैं, जो उसी गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन अब तक किसी का पता नहीं चल पाया है।
घटना की जानकारी
शिमला के रामपुर जिले के समेज गांव में गुरुवार को बादल फटने की वजह से बड़ा हादसा हुआ। इस हादसे में 25 घर चंद सेकंड में नदी में बह गए, और 36 लोग लापता हो गए। इनमें 8 बच्चे भी शामिल हैं, जो उसी गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। रेस्क्यू टीमें इन लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं, लेकिन अब तक किसी का भी पता नहीं चल पाया है।
गांव का हाल
बादल फटने से समेज गांव में भारी तबाही मची। गांव के सरकारी स्कूल में भी काफी नुकसान हुआ है। स्कूल की एक बिल्डिंग मलबे से भर गई है और फर्स्ट फ्लोर पर दरारें आ गई हैं। बच्चों की किताबें, ट्रॉफी, और फर्नीचर बिखर गए हैं। गांव के लोगों ने बताया कि कुछ परिवार अपने घरों समेत बह गए। प्रत्यक्षदर्शियों की बात
गांव के निवासी सुभाष और उनकी पत्नी कुलविंदर ने बताया कि वे रात को सो रहे थे जब अचानक उनकी नींद खुली। उन्होंने बाहर निकलकर देखा कि बादल फटने से मलबा गिर रहा है। उन्होंने अपने पड़ोसियों को बाहर आने के लिए चिल्लाया, लेकिन कुछ लोग अंदर ही फंसे रह गए और उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
शिमला के डीसी अनुपम कश्यप ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आ रही हैं, लेकिन एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, लोकल पुलिस और होमगार्ड की टीमें जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि लापता लोगों को ढूंढने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। शिमला, कुल्लू और मंडी में भी बादल फटने की घटनाएं हुई हैं, जिसमें कुल मिलाकर 49 लोग लापता हैं और 4 की मौत हो चुकी है।
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