-राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा मदद का पत्र नई दिल्ली, 30 अप्रैल (हि.स.)। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शुक्रवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर को टेलीफोन किया जिसमें दोनों नेताओं ने वास्तविक नियंत्रण रेखा की स्थिति के साथ ही कोरोना महामारी से निपटने के उपायों पर चर्चा की। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजे गए पत्र के बाद चीनी विदेश मंत्री ने एस जयशंकर से संपर्क किया। विदेश मंत्री जयशंकर ने इस संबंध में ट्वीट कर बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान आपूर्ति श्रृंखला में कोई व्यवधान नहीं डाले जाने और हवाई उड़ानों को बाधा रहित बनाए रखने पर जोर दिया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोरोना महामारी से हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त की तथा वर्तमान संक्रमण के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए भारत को सहयोग की पेशकश की। जयशंकर ने चीनी नेता की ओर मिले इस आश्वासन स्वागत किया कि भारत की चार्टर उड़ानों को सहूलियत दी जाएगी। चीनी विदेश मंत्री ने भारत के सामने मौजूद कोरोना महामारी की चुनौती के बारे में सहानुभूति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के समक्ष मौजूद इस भयावह चुनौती का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भी चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि हमने पूर्वी लद्दाख की स्थिति के बारे में मास्को समझौते पर भी चर्चा की। विदेश मंत्री के अनुसार मास्को समझौते का ईमानदारी से पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए। इससे वास्तविक नियंत्रण रेखा के सभी टकराव वाले स्थानों से सैनिकों की वापसी हो पाएगी। इसके जरिए ही पूर्वी लद्दाख में पूरी तरह शांति और सामान्य स्थिति बहाल की जा सकती है। दोनों विदेश मंत्रियों ने इस संबंध में आगे भी विचार-विमर्श जारी रखने का फैसला किया। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष गलवान घाटी में सैनिक संघर्ष के बाद जयशंकर और वांग यी के बीच मास्को में मुलाकात हुई थी। इसमें सीमा पर टकराव रोकने और सामान्य स्थिति की बहाली के उपायों पर सहमति बनी थी। शुक्रवार को दोनों विदेश मंत्रियों के बीच वार्ता ऐसी खबरों के बीच हुई है जिनमें कहा गया था कि भारत को भेजे जाने वाली चिकित्सा सामग्री और संपर्क संबंधी हवाई उड़ानों में दिक्कत पेश हो रही है। हिन्दुस्थान समाचार/अनूप




