नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्ते एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के जरिए कड़ा जवाब दिया। इस कार्रवाई से पाकिस्तान बौखला गया और भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय हो गया। हालांकि, भारतीय सेना की मुंहतोड़ प्रतिक्रिया के बाद पाकिस्तान की आक्रामकता कुछ हद तक कम हो गई। इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा सवाल यह उठ रहा था, क्या पाकिस्तान ने चीन के इशारे पर भारत के खिलाफ मोर्चा खोला? इस सवाल पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बयान दिया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में जर्मनी के प्रतिष्ठित समाचार पत्र फ्रैंकफर्टर ऑलगेमाइने जिटुंग को दिए गए इंटरव्यू में भारत-पाकिस्तान संबंधों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने इस बातचीत में स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं के पीछे चीन की बड़ी भूमिका है। जयशंकर ने कहा, “पाकिस्तान जिन हथियार प्रणालियों का इस्तेमाल करता है, उनमें से कई चीन द्वारा आपूर्ति की गई हैं। दोनों देशों के आपसी संबंध काफी घनिष्ठ हैं और इस वास्तविकता को देखते हुए आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि किसका कितना प्रभाव है।”
पाकिस्तान के अनुरोध पर हुआ सीजफायर : विदेश मंत्री
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में बताया कि भारत ने आतंकवाद के ठिकानों को निशाना बनाकर सटीक कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा, “हमारा ऑपरेशन बेहद सोच-समझकर और सटीक था। लेकिन इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने हमारे खिलाफ फायरिंग शुरू कर दी।” जयशंकर ने आगे बताया, “हमने उन्हें स्पष्ट कर दिया कि हम उनके एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। इसके बाद ही पाकिस्तान ने फायरिंग बंद करने का अनुरोध किया।”
भारत ने विश्वभर में डेलिगेशन भेजकर पाकिस्तानी आतंकवाद को उजागर किया
भारत ने अपनी अंतरराष्ट्रीय पहल के तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों की जानकारी और वहां हुई सटीक कार्रवाइयों को दुनिया के विभिन्न देशों में सामने लाने के लिए डेलिगेशन भेजे हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि इन लक्षित हमलों ने न केवल आतंकवादियों को बल्कि पाकिस्तानी सेना के मनोबल को भी काफी हद तक प्रभावित किया है। जयशंकर ने संसद के सदस्यों से अपील की है कि वे विश्व स्तर पर पाकिस्तान की सच्चाई को उजागर करने में साथ दें। उनकी बातों के मुताबिक, कई देशों ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन किया है, लेकिन कुछ जैसे चीन, अजरबैजान और तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन किया है। हालांकि, वर्तमान में भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कायम है, जिससे तनाव कम हुआ है, लेकिन दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात विश्व मंच पर रख रहे हैं।




