नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को राज्यभर में चक्काजाम और आर्थिक नाकेबंदी की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेशनल और स्टेट हाईवे पर मालवाहक वाहनों को रोककर बीजेपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
भूपेश बघेल का बड़ा बयान
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए कहा:”आज छत्तीसगढ़ की सरकार रायपुर से नहीं, अहमदाबाद से चलाई जा रही है। पूरी सरकार अडानी के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके कार्यकाल में जंगलों की कटाई हुई होती, तो 18 महीने बाद भी अब तक एक भी FIR क्यों नहीं दर्ज हुई?
कहां-कहां हुआ चक्काजाम?
कांग्रेस ने पूरे राज्य में अलग-अलग जगहों पर वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में चक्काजाम किया। कुछ प्रमुख स्थान इस प्रकार रहे रायपुर मैग्नेटो मॉल के पास गिरीश दुबे, विधानसभा रोड नारायण कुर्रे और पप्पू बंजारे, साकरा दिलबाग ढाबा के पास सांसद छाया वर्मा और अनीता शर्मा, अभनपुर रसनी के पास पूर्व विधायक शिवकुमार डहरिया, आरंग दीनदयाल उपाध्याय चौक प्रवक्ता शैलेश नितिन त्रिवेदी, तिल्दा आजाद चौक सौरभ मिश्रा, बुडेरा खरोरा स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस ने साफ किया है कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण होगा और सिर्फ मालवाहक भारी वाहनों ट्रक, कंटेनर आदि को रोका जाएगा। कार, बस, जीप, बाइक और एम्बुलेंस जैसी सवारी गाड़ियों को नहीं रोका जाएगा, ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
आंदोलन का उद्देश्य क्या है?
कांग्रेस का कहना है कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी भाजपा सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का उदाहरण है। उनका आरोप है कि विपक्ष की आवाज दबाने और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। आज ही चैतन्य बघेल की ED रिमांड पूरी हो रही है। ईडी दोपहर के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश कर सकती है और रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूपेश बघेल के बेटे की गिरफ्तारी से नया बवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा सरकार पर अहमदाबाद से शासन चलाने का आरोप लगा रही है। अब सबकी नजरें कोर्ट में चैतन्य की पेशी और कांग्रेस के अगले कदम पर टिकी हैं।




