नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। छत्तीसगढ़ की एक 17 साल की लड़की सुशीला इन दिनों खबरों में बनी हुई है। उसने उसके पिता पर हमला करने वाले 4 हमलावरों का अकेले सामना किया और अपने पिता को उनसे बचा लिया।
हथियारों से लैस थे बदमाश
दरअसल 5 अगस्त को सुशीला के झारा स्थित घर में हथियारों से लैस 4 बदमाश और उसके पिता को धमकाना शुरू कर दिया। इससे पहले कि वो कुछ कर पाते सुशीला ने अकेले उनका मुकाबला कर घूल चटा दी।
सुशीला ने जमकर किया मुकाबला
सुशीला ने उन लोगों से कुल्हाड़ी छीन ली और अपने पिता के लिए सुरक्षा कवच बनकर खड़ी हो गई। वो पड़ोसियों को बताने के लिए जोर से चीखी, उसके बाद गांववाले आ गए और उसके पिता सोमधर को अस्पताल ले गए। उन्हें जगदलपुर के दिमरापुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ले जाया गया। उनकी हालत अब स्थिर है। सुशीला सातवी तक पढी है और अपने गांव में हीरो बन गई है।
जमीन को लेकर हुआ विवाद
रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर माओवादी थे। हाल ही में पारिवारिक विवाद के कारण हो सकता है कि यह हमला सुशीला के कजन ने कराया है। दरअसल जमीन को लेकर विवाद हुआ था जिसमें सुशीला के पिता ने कहा कि उनके बेटा नहीं है इसलिए वो जमीन नहीं देंगे।
पुलिस ने दिए जांच के आदेश
सुशीला के बताया कि उसे नहीं पता कि वो लोग माओवादी थे या कोई और नारायणपुर के पुलिस सुपराटेंडेंट प्रभात कुमार ने बताया कि इस मामले में माओवादियों की संलिप्तता नहीं है और उन्होंने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
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