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Friday, April 10, 2026
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कुरआन में बदलाव नामुमकिनः तौसीफ़ मियां

– वसीम रिजवी पर मुल्क का माहौल ख़राब करने का आरोप, गिरफ्तार करने की मांग नई दिल्ली, 16 मार्च (हि.स.)। अल्लाह की पवित्र किताब कुरआन-ए-पाक से 26 आयतें हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने वाले वसीम रिजवी के खिलाफ उलेमा और अवाम में जबरदस्त गुस्सा पाया जा रहा है। मुस्लिम संगठनों, दरगाहों के जिम्मेदारों की तरफ से इसका जोरदार विरोध किया जा रहा है। दरगाह आला हज़रत की बुजुर्ग हस्ती हज़रत अल्लामा तौसीफ रज़ा खां ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत करते हुए कहा है कि वसीम रिज़वी अल्लाह की पवित्र किताब कुरान व सहाबा-ए-किराम (पैगम्बर मोहम्मद के साथी) का दुश्मन है। अल्लाह ने पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद पर कुरान उतारा। यह किताब अब से लगभग 1400 साल पहले उतारी गई। तब से आज तक इसमें नुक्ता बराबर भी परिवर्तन नहीं हुआ और न ही कयामत तक किसी बदलाव की गुंजाइश है। कुरान-ए-पाक मुसलमानों के लिए हिदायत (निर्देश पुस्तिका) है और लोगों को बेहतर जिंदगी गुजारने का तरीका और हमें अल्लाह का कानून बताती है। तौसीफ मियां ने कहा कि कुरान व सहाबा-ए-किराम अपमान किसी भी सूरत में कोई भी गैरतमंद मुसलमान बर्दाश्त नहीं करेगा। मौजूदा कुरान का हर हुरुफ (अक्षर) और आयात हक है जो अल्लाह की तरफ से नाज़िल की हुई हैं। किसी भी खलीफा ने घटाया-बढ़ाया नहीं है। कुरान इसकी खुद गवाही देता है। किसी भी आयत से समाज को किसी तरह का गलत मैसेज नहीं पहुंचता है। यह सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का ज़रिया है। कुरान में बदलाव करना तो दूर, सोचना भी कुफ्र है। सहाबा-ए-किराम की तौहीन करने वाला गुमराह, अधर्मी व जाहिल है। मौलाना तौसीफ ने कहा कि कुरान, पैगंबर-ए-आज़म, सहाबा-ए-किराम व अहले-बैत की महानता पर मुसलमान दिलो-जान से कुर्बान हैं। इनका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुरान की सुरक्षा का ज़िम्मा अल्लाह ने लिया है। वसीम रिज़वी जैसे लाखों आ जाएं। एक अक्षर व नुक्ता नहीं बदल सकते। उन्होंने कहा कि वसीम रिज़वी जैसे लोग समाज में जहर घोलना चाहते हैं। मुफ्ती बशीरउल कादरी ने कहा कि है कौल-ए-मुहम्मद, कौल-ए-खुदा न बदला जाएगा और न बदलेगा। ज़माना लाख कोशिश कर ले मगर कुरान न बदला जाएगा। बेशक कुरान का मुहाफिज़ (सुरक्षा करने वाला) अल्लाह है। ऐसे लोग समाज, इंसानियत, देश की अखंडता, एकता व भाईचारे के दुश्मन हैं। कुरान व सहाबा-ए-किराम का दुश्मन, दीन-ए-इस्लाम व पूरी इंसानियत का दुश्मन है। इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं कि इस तरह के लोगों को समाज में खुला घूमने की इजाजत बिल्कुल भी नहीं दी जाए। वसीम रिजवी को फौरन हिरासत में लिया जाए ताकि वह जो ज़हर समाज में घोलने का प्रयास कर रहा है, उसको रोका जा सके। हिन्दुस्थान समाचार/ एम ओवैस

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