नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं। मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी के चंद्रभानु पासवान ने जीत दर्ज की है। चुनाव में पासवान को 1 लाख 46 हजार 397 वोट मिले हैं। उनका मुकाबला अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद से था। पासवान ने अजीत प्रसाद को 61 हजार 710 वोटों के अंतर से हराया है।
कौन हैं चंद्रभानु पासवान?
बीजेपी प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान पासी समाज ताल्लुक रखते हैं। वह दो बार रुदौली से जिला पंचायत सदस्य रहे हैं। चंद्रभानु का पूरा परिवार साड़ी के करोबार से जुड़ा है। वो सूरत और रुदौली में साड़ी का बिजनैस करते हैं। पिछले 2 साल से चंद्रभानु पासवान मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर सक्रिय थे।
भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत
इस मिल्कीपुर सीट को जीतने के लिए बीजेपी ने पूरी ताकत लगा दी थी। अयोध्या राम मंदिर निर्माण के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों के मुद्दों को पार्टी गिना रही है। इससे पहले लोकसभा में हार से पार्टी ने सबक लिया, और इसे चुनौती मानते हुए पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ा।
बीजेपी ने चंद्रभानु पासवान को ही क्यों दिया था टिकट?
मिल्कीपुर उपचुनाव में बीजेपी ने अपने उम्मीदवार के रूप में चंद्रभान पासवान को मैदान में उतारा। इस विधानसभा सीट में करीब साढ़े तीन लाख वोटर हैं। जिसमें दलित वोटरों की संख्या डेढ़ लाख के करीब है। उसमें भी पासी समाज के वोटरों की संख्या लगभग 55 हजार है। इस सीट पर मुस्लिम वोटर भी निर्णायक भूमिका में रहते हैं। बीजेपी ने जातीय समीकरण को देखते हुए पासी समुदाय के प्रत्याशी को टिकट दिया। इस चुनाव में पासवान एक बड़ी बढ़त हासिल कर चुके है। वो जीत की और अग्रसर है।




