नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मल्टीनेशनल कंसलटिंग फर्म EY (Ernst and young) पुणे में काम करने वाली कर्मचारी की मां ने दावा किया है कि वर्कलोड के कारण उनकी बेटी अन्ना (Anna) की मौत हो गई, लेकिन कंपनी ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि हम इस बात पर विश्वास नहीं कर सकते कि उसका मौत वर्कलोड के कारण हुई है। दूसरी ओर महाराष्ट्र की मंत्री ने कहा है कि सरकार मामले की जांच करा रही है।
कंपनी के चेयरमैन ने दिया मां के पत्र का जवाब
कंपनी के चेयरमैन राजीव मेमानी ने अपने जवाब में लिखा है कि कंपनी एक लाख लोगों को नौकरी देती है और सभी को कड़ी मेहनत करनी चाहिए। अन्ना हमारे साथ 4 महीनों तक रहीं। उसे किसी अन्य कर्मचारी की तरह ही काम दिया गया था। वो इस बात को नहीं मान सकते हैं कि वर्क प्रेशर के कारण अन्ना की मौत हुई है।
शोभा करंदलाजे ने इस मामले के बारे में एक्स पर पोस्ट किया
दूसरी ओर महाराष्ट्र सरकार की मंत्री शोभा करंदलाजे ने इस मामले के बारे में एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल की दुखद मृत्यु से बहुत दुःखी हूं। असुरक्षित और शोषणकारी कार्य वातावरण के आरोपों की गहन जांच चल रही है। हम न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और श्रम मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर शिकायत पर विचार किया है।
क्या है मामला
अन्ना की मां, अनीता ऑगस्टीन ने एक ईमेल लिखा है। जिसमें उन्होंने कंपनी के प्रमुख राजीव मेमानी को यह बताया कि कैसे कंपनी ने अत्यधिक काम को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी के HR के दावे और उनकी बेटी की वास्तविकता में बहुत बड़ा फर्क था।
अन्ना ने 2023 में अपनी CA परीक्षा पास की और मार्च 2024 में EY पुणे में शामिल हुईं। नौकरी के शुरू होते ही उन्हें तनाव और नींद न आने जैसी समस्याएं होने लगीं। अनीता ने कहा कि अन्ना ने मेहनत जारी रखी, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि मेहनत से सफलता मिलती है।
ओवरऑल टॉपर थी अन्ना
अन्ना स्कूल और कॉलेज टॉपर थी। extra curricular activities में भी आगे थी। उसने CA की परीक्षा distinction से पास की थी। उसने EY में बहुत मेहनत की। उनसे की गई मांगों को पूरा करने के लिए अपना सब कुछ दिया। हालांकि, काम के बोझ, नए माहौल और लंबे घंटों के काम ने उस पर शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक रूप से प्रभाव डाला।




