नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ भारी आक्रोश है। हर तरफ इस घटना की घोर निंदा की जा रही है। इसी बीच, देशभर के व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाला प्रमुख संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने बड़ा फैसला लिया है। CAIT ने घोषणा की है कि 1 मई से पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार का व्यापार समझौता नहीं किया जाएगा। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब तक पाकिस्तान के साथ हुए सभी व्यापारिक समझौते भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए जाएंगे।
यह निर्णय ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित CAIT की अखिल भारतीय बैठक में लिया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भारतीय ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए पाकिस्तान के साथ सभी व्यापारिक संबंध समाप्त किए जाएं। गौरतलब है कि CAIT से देशभर के करीब 9 करोड़ व्यापारी जुड़े हुए हैं और इसके माध्यम से पाकिस्तान के साथ करीब 1 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक व्यापार होता है। अब यह पूरा व्यापारिक लेनदेन बंद कर दिया जाएगा।
अब नहीं होगा इन वस्तुओं का आयात, व्यापारियों ने लिया बड़ा फैसला
CAIT के अध्यक्ष बी.सी. भारतीय ने जानकारी दी कि भारतीय व्यापारी अब पाकिस्तान से शक्कर, सीमेंट, लोहा, वाहन के कल-पुर्जे और इलेक्ट्रिकल उत्पाद जैसे सामानों का आयात नहीं करेंगे। यह निर्णय 1 मई से प्रभावी होगा। उन्होंने बताया कि यह कदम सिर्फ व्यापारिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय भावना से प्रेरित है। जिस तरह सरकार ने पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी को रोकने का निर्णय लिया है, उसी भावना के साथ देश के व्यापारी भी अब पाकिस्तान से हर तरह के व्यापारिक संबंध समाप्त करने जा रहे हैं।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि इस निर्णय की औपचारिक जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय को जल्द ही दी जाएगी। बी.सी. भारतीय के अनुसार, इस कदम से पाकिस्तान को आर्थिक रूप से भी नुकसान पहुँचेगा और यह देशहित में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
ड्राई फ्रूट्स के आयात पर भी रोक, व्यापारियों ने तोड़े सभी अनुबंध
CAIT ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान से आने वाले ड्राई फ्रूट्स के आयात को भी अब पूरी तरह बंद किया जाएगा। इस व्यापार से जुड़े भारतीय व्यापारियों ने सभी मौजूदा अनुबंधों को रद्द करने का निर्णय लिया है। संगठन का कहना है कि यह कदम देशहित को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है।
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के व्यापारिक संबंध पहले ही तनावपूर्ण रहे हैं। फरवरी 2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। जहां वर्ष 2018 में भारत-पाकिस्तान के बीच वार्षिक व्यापार लगभग 3 बिलियन डॉलर था, वहीं यह आंकड़ा 2024 तक घटकर केवल 1.2 बिलियन डॉलर रह गया है। CAIT का मानना है कि अब यह अंतिम रूप से समाप्ति की ओर है, जिससे पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव और अधिक बढ़ेगा।




