नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों हलचल तेज है। समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनावों में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में तीन विधायकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। वहीं इस पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की प्रतिक्रिया ने नई राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी है।
सपा ने की बड़ी कार्रवाई, तीन विधायक निष्कासित
सपा ने जिन विधायकों को पार्टी से निष्कासित किया है, उनके नाम हैं राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और मनोज कुमार पांडेय इन तीनों पर आरोप है कि इन्होंने राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार को वोट दिया, यानी पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया।
ब्रजेश पाठक का बयान: “इंतजार कीजिए…”
जब उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से पूछा गया कि क्या ये निष्कासित विधायक बीजेपी में शामिल होंगे, तो उन्होंने संकेत भरे अंदाज में कहा: “इंतजार कीजिए, समय-समय पर फिर मिलेंगे। हम सभी जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हैं। हमारी सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि सपा का नेतृत्व तनाव में है, और पार्टी पूरी तरह हाशिए पर जा चुकी है।
सपा ने लगाए गंभीर आरोप
समाजवादी पार्टी की ओर से कहा गया कि इन विधायकों ने सांप्रदायिक और विभाजनकारी ताकतों का समर्थन किया किसान, महिला, युवा, व्यापारी, पेशेवर और पीडीए वर्ग के खिलाफ खड़ी विचारधारा को बढ़ावा दिया राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में मतदान करना, इनकी निष्कासन की मुख्य वजह बताया गया है।
सदस्यता पर लटकी तलवार?
अब बड़ा सवाल यह है कि सपा से निकाले गए इन विधायकों की विधानसभा सदस्यता बरकरार रहेगी या नहीं? अगर पार्टी व्हिप के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उनकी सदस्यता पर खतरा बन सकता है।
BJP गिनवा रही अपनी उपलब्धियां
ब्रजेश पाठक ने कहा कि यूपी आज इंफ्रास्ट्रक्चर में नंबर 1 राज्य कानून व्यवस्था में सबसे बेहतर राज्य बन चुका है और इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी सरकार को जाता है। राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद सपा और बीजेपी के बीच राजनीतिक लड़ाई और तेज हो गई है। जहां सपा अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रही है, वहीं बीजेपी संकेत दे रही है कि नाराज नेताओं के लिए दरवाजे खुले हैं। आने वाले दिनों में यह लड़ाई और दिलचस्प हो सकती है।




