नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने कहा है कि अगर पत्नी की उम्र 18 साल से कम है, तो उसके साथ सहमति से भी यौन संबंध बनाने पर बलात्कार का मामला दर्ज किया जा सकता है। कोर्ट ने दोषी की सजा को बरकरार रखा, जिसने यह तर्क दिया था कि वह अपनी पत्नी के साथ सहमति से सेक्स कर रहा था, इसलिए इसे बलात्कार नहीं माना जाना चाहिए। फैसला जस्टिस गोविंद सनप की बेंच ने दिया।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 नवंबर को दिए गए आदेश में जस्टिस सनपन ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाए गए कानून के अनुसार, यह नहीं माना जा सकता कि अगर एक व्यक्ति अपनी नाबालिग पत्नी के साथ यौन संबंध बनाता है, तो उसे बलात्कार या यौन हिंसा नहीं माना जाएगा। खास बात यह है कि अगर लड़की की उम्र 18 साल से कम है तो उसके साथ यौन संबंध बनाना हमेशा बलात्कार होगा चाहे वह शादीशुदा हो या नहीं।’
अदालत ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए इस मामले में पत्नी के साथ सहमति से यौन संबंध बनाने का बचाव मान्य नहीं होगा। अगर यह भी मान लिया जाए कि दोनों के बीच शादी हुई थी, तो भी अगर पीड़िता ने कहा कि वह सहमति से नहीं, बल्कि मजबूरी में यौन संबंध बनवाए गए, तो इसे बलात्कार ही माना जाएगा।’
क्या है पूरा मामला?
साल 2021 में मुंबई के वर्धा जिला में स्थित ट्रायल कोर्ट में एक शख्स को Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012 (POSCO) के तहत दोषी पाया गया। अब दोषी पाए गए शख्स ने हाईकोर्ट में आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी। नाबालिग लड़की की शिकायत के बाद दोषी को 2019 में ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उस समय पीड़िता 31 सप्ताह की गर्भवती थी।
पीड़िता ने कहा था कि दोनों के बीच प्रेम था और उसके प्रेमी ने जबरन उसके साथ यौन संबंध बनाए। यहीं नहीं लड़की को झूठी शादी का वादा कर वो उसके साथ जबरन संबंध बनाता रहा। मगर जब लड़की गर्भवती हुई तो युवक से शादी करने के लिए कहा और दोनो एक किराए के मकान में पड़ोसियों को यकीन दिलाया की दोनो विवाहित हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, युवक ने पीड़िता के साथ मारपीट की और उस पर अबॉर्शन कराने के लिए दबाव डाला। पीड़िता ने अबॉर्शन कराने से मना कर दिया। इसके बाद जब आरोपी ने पीड़िता को उसके घर मां-बाप के सामने उसके साथ मारपीट की लड़की को अहसास हुआ की उसके साथ शादी का दिखावा किया गया और उसके साथ शोषण हुआ है।





