नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आगामी मुंबई और ठाणे नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री और आरपीआई (अठावले) प्रमुख रामदास अठावले ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में सीट बंटवारा सबसे बड़ा मुद्दा रहा।
भाजपा – शिवसेना कोटे से अतिरिक्त सीटों की मांग
रामदास अठावले ने अपनी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के लिए भाजपा–शिवसेना गठबंधन के कोटे से अतिरिक्त सीटें देने की मांग रखी। उनका कहना था कि आरपीआई (ए) की चुनावों में सक्रिय भागीदारी से गठबंधन को जमीनी स्तर पर फायदा मिलेगा। इस मुलाकात से एक दिन पहले ही अठावले ने बीएमसी चुनावों के सीट बंटवारे में अपनी पार्टी को नजरअंदाज किए जाने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि गठबंधन में रहते हुए भी आरपीआई (अठावले) को बाहर रखना विश्वासघात जैसा है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा है।
”सम्मानजनक हिस्सेदारी जरूरी”
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बैठक में अठावले ने साफ कहा कि आरपीआई (ए) को सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसका गलत संदेश जमीनी स्तर पर जाएगा उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को भी सरकार के सामने रखा। रामदास अठावले ने तर्क दिया कि आरपीआई (अठावले) की दलित और वंचित वर्गों में मजबूत पकड़ है। अगर पार्टी को पर्याप्त सीटें मिलती हैं, तो इसका सीधा फायदा भाजपा – शिवसेना गठबंधन को मिलेगा। सरकारी योजनाओं में भागीदारी की भी मांग सीटों के अलावा अठावले ने यह भी मांग रखी कि सरकारी योजनाओं प्रशासनिक निकायों में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाए। उनका कहना था कि इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और सरकार की योजनाएं जनता तक बेहतर तरीके से पहुंचेंगी।
गठबंधन में बढ़ी खींचतान
रामदास अठावले की इन मांगों के बाद भाजपा – शिवसेना गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर दबाव बढ़ता दिख रहा है। अब देखना होगा कि बीएमसी चुनाव से पहले गठबंधन इस खींचतान को कैसे सुलझाता है।




