नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तराखंड के धराली में आई आपदा को लेकर बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने अपनी ही पार्टी और सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सिलसिलेवार पोस्ट कर बीजेपी और पहाड़ी राज्यों की सरकारों को चेतावनी दी कि विकास के नाम पर विनाश का रास्ता अपनाना बंद करें।
हिमालय हमें चेतावनी दे रहा है
उमा भारती ने लिखा, “हिमाचल और उत्तराखंड में आई भीषण त्रासदी हमें बड़ी चेतावनी दे रही है। ”अब समय है कि हम थमकर सोचें और हिमालय में विकास की दिशा और प्रकृति के बीच संतुलन बनाएं। उन्होंने जोशीमठ त्रासदी का उदाहरण देते हुए कहा कि ISRO की चेतावनी रिपोर्ट को भी नजरअंदाज़ कर दिया गया, जिसके बाद अब बार-बार ऐसी आपदाएं सामने आ रही हैं।
“धराली हादसे के पीछे सिर्फ बादल फटना नहीं”
उमा भारती ने साफ कहा कि धराली और हर्षिल की त्रासदी सिर्फ बादल फटने का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे ऊपरी पहाड़ों पर बनाए गए जलाशय (तालाब) हैं। कुछ तालाब प्राकृतिक हैं, लेकिन अब बिजली परियोजनाओं के नाम पर चोरी-छिपे या अनुमति लेकर ऐसे सैकड़ों कृत्रिम तालाब बना दिए गए हैं। जब ये ओवरफ्लो होते हैं, तो भारी मलबे के साथ नीचे बहते हैं और तबाही मचा देते हैं।
गंगा और हिमालय बचाना जरूरी
उमा भारती ने याद दिलाया कि जब वे जल संसाधन मंत्री थीं, तो गंगा कार्य योजना 2014-2016 के तहत एक विस्तृत योजना बनाई गई थी, जो हिमालय की नदियों और पर्यावरण को संरक्षित करती थी। लेकिन वो योजना बीच में थम गई। उन्होंने अपील की कि सरकार उस योजना को फिर से शुरू करे, ताकि गंगा, हिमालय, आस्था और पर्यावरण को बचाया जा सके। हम बीजेपी के लोग पाप न करें उमा भारती ने अपने पोस्ट में लिखा,”हम भाजपा के लोग अपने ही समय में हिमालय, गंगा और अन्य सदानीरा नदियों को नष्ट करने का पाप न करें। विकास हो, रोजगार बढ़े लेकिन वह विनाशकारी न हो।




