back to top
20.1 C
New Delhi
Tuesday, March 24, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर, जानिए दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री से विदेश मंत्री तक का सफर

आज पूर्व विदेश मंत्री और दिग्गज बीजेपी नेता सुषमा स्वराज की 6वीं पुण्यतिथि है। पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। आम लोग से लेकर बड़े-बड़े नेता तक उन्हें याद कर रहे हैं।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आज पूर्व विदेश मंत्री और दिग्गज बीजेपी नेता सुषमा स्वराज की 6वीं पुण्यतिथि है। पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। आम लोग से लेकर बड़े-बड़े नेता तक उन्हें याद कर रहे हैं। इस मौके पर उनकी बेटी और लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज ने भी सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखा।

एक ऐसी नेता, जिनका विपक्ष भी करता था सम्मान


सुषमा स्वराज भारतीय राजनीति की एक ऐसी शख्सियत थीं, जिन्हें न सिर्फ अपनी पार्टी बल्कि विपक्ष के नेता भी उतना ही सम्मान देते थे। उनके सौम्य स्वभाव और बेबाक भाषणों ने हर किसी को प्रभावित किया। वे जनता के दिलों में इस कदर बस गई थीं कि उन्हें People’s Person कहा जाता था।

हरियाणा से लेकर दिल्ली तक, मजबूत राजनीतिक नींव


14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अंबाला कैंट में जन्मीं सुषमा स्वराज का परिवार शुरू से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा रहा। उनके पिता हरदेव शर्मा संघ के प्रमुख सदस्यों में से एक थे। उनका पैतृक संबंध पाकिस्तान के लाहौर से रहा था। उन्होंने अंबाला के सनातन धर्म कॉलेज से बीए किया और फिर चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल की। वे बचपन से ही बेहतरीन वक्ता रही थीं और कई बार सर्वश्रेष्ठ वक्ता पुरस्कार से सम्मानित हुईं।

राजनीतिक करियर की शुरुआत ABVP से


सुषमा स्वराज ने अपना राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू किया। उनके भाषणों में ओज और तेज था। मात्र 25 साल की उम्र में वे 1977 में हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गईं। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड था। 1977 हरियाणा सरकार में श्रम मंत्री बनीं 1987 और 1990 अंबाला छावनी से फिर विधायक चुनी गईं 1990 राज्यसभा के लिए पहली बार चुनी गईं 1996 पहली बार लोकसभा में पहुंचीं, सूचना प्रसारण मंत्री बनीं 1998 दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं 15वीं लोकसभा में बनीं नेता प्रतिपक्ष 2014 विदर्भ से चुनाव जीतकर बनीं विदेश मंत्री मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्रालय की कमान संभाली। उन्होंने न सिर्फ भारत की वैश्विक छवि को मजबूत किया बल्कि हर जरूरतमंद भारतीय की मदद की। ट्विटर पर वे आम लोगों की शिकायतों को तुरंत हल करने के लिए मशहूर थीं।

2019 में राजनीति से दूरी, और फिर दुखद विदाई


स्वास्थ्य कारणों से सुषमा स्वराज ने 2019 का चुनाव नहीं लड़ा और मोदी सरकार-2 में वे मंत्री नहीं बनीं। इसके कुछ महीने बाद ही, 6 अगस्त 2019 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनके निधन से पूरा देश शोक में डूब गया। सुषमा स्वराज का जीवन, उनकी भाषण शैली, और उनका जनसेवा का तरीका आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा है। वे एक ऐसी नेता थीं, जिन्होंने उत्तर से दक्षिण और संसद से जनता तक, सबके दिलों में अपनी जगह बनाई।

Advertisementspot_img

Also Read:

Delhi में बिजली होगी महंगी? अप्रैल से बढ़ सकते हैं दाम, जानिए बढ़ोतरी की वजह और सरकार का पूरा प्लान

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली के लोगों के लिए बड़ी खबर है। आने वाले अप्रैल महीने से बिजली के दाम बढ़ सकते हैं। गर्मी के...
spot_img

Latest Stories

इस दिन से खुलेगा केदारनाथ का कपाट, जानिए 6 महीने क्यों बंद रहता है मंदिर

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। केदारनाथ मंदिर (Kedarnath Dham) जो...

रुचिका नाम का मतलब- Ruchika Name Meaning

Meaning of Ruchika / रुचिका नाम का मतलब: Bright,...

IPL 2026: मिचेल स्टार्क की एंट्री पर सस्पेंस के बीच Hemang Badani ने दिया अपडेट, NOC का इंतजार कर रही है DC

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। IPL 2026 से पहले दिल्ली कैपिटल्स...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵