नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। झारखंड की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी ने इस पूरे मामले को राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है।
दुबे परिवार पर दर्ज हुआ 47वां मामला
खबर है कि यह FIR दुबे परिवार के खिलाफ दर्ज 47वां मुकदमा है। इसी बात को लेकर राज्य की सियासत में खलबली मच गई है। बीजेपी का कहना है कि विपक्षी नेताओं के परिवारों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
बाबूलाल मरांडी ने CM को घेरा
BJP प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मामले पर ट्वीट कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे सवाल किए। उन्होंने कहा राजनीति में प्रतिस्पर्धा ठीक है, लेकिन नेताओं के परिवारों और खासकर महिलाओं को निशाना बनाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
‘हो सकता है CM को जानकारी न हो’
बाबूलाल मरांडी ने अपने बयान में यह भी कहा कि संभव है यह FIR मुख्यमंत्री की जानकारी के बिना हुई हो। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ अधिकारी निजी स्वार्थ और महत्वाकांक्षा में ऐसा कर रहे हैं। सुनने में आया है कि सांसद निशिकांत दुबे की धर्मपत्नी पर 47वां केस हुआ है। यह आपके CM कुछ अधिकारियों का कारनामा हो सकता है। बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि ऐसे अफसरों से बचना चाहिए जो सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने अपील की कि राजनीतिक लड़ाई सीधे-सीधे होनी चाहिए, परिवारों और सहयोगियों को निशाना बनाना एक अस्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है। इस मुद्दे पर अब तक झारखंड सरकार या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन बीजेपी समेत अन्य विपक्षी दल सरकार पर लगातार सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं।
क्या है यह विवाद?
इस पूरे घटनाक्रम ने झारखंड की राजनीति को फिर से उबाल पर ला दिया है। सवाल यही है कि क्या नेताओं के परिवारों को ऐसे मामलों में घसीटना उचित है? अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं। निशिकांत दुबे की पत्नी पर FIR ने एक बार फिर सत्ता और विपक्ष के बीच की खाई को गहरा कर दिया है। बीजेपी ने इसे पूरी तरह से बदले की भावना से प्रेरित बताया है, वहीं सरकार की तरफ से अब भी चुप्पी बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।





