नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश में इस समय पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों को परेशान कर रखा हैं। पूरे देश में इस समय ऐसी घटनाओं के कारण बवाल मचा हुआ है। इस मुद्दे से निपटने के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ कई राज्यों की सरकारों ने कड़े कानून बनाए हैं। अब इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार ने भी कानून बनाने का निर्णय लिया हैं। इसको लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया हैं।
मानसून सत्र के दौरान बनेगा पेपर लीक पर कानून- देवेन्द्र फडणवी
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य विधानमंडल के मौजूदा मानसून सत्र के दौरान परीक्षाओं के प्रश्नपत्र को लीक होने से रोकने के लिए एक कानून बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह कानून पेपर लीक की घटनाओं पर पूरी तरह प्रभावी हो इसको लेकर हम कड़े कदम उठा रहें है। यह जवाब सदन में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार से पूछे सवाल के जवाब में दिया था।
मानसून सत्र में उठा था पेपर लीक कानून का मुद्दा
दराअसल, सदन में कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आशीष शेलार और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के भास्कर जाधव ने सरकार से सवाल किया कि क्या वह प्रश्न पत्रों के लीक होने के मामले रोकने के लिए कोई सख्त कानून बनाएगी। इसके जवाब में डिप्टी सीएम ने कहा कि कानून बनाने के लिए इसी सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा।
नीट पेपर लीक का मामला इन दिनों सुर्खियों में हैं
गौरतलब है कि नीट यूजी का पेपर लीक होने और विभिन्न अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों के मद्देनजर महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख नाना पटोले ने शनिवार को कहा था कि राज्य सरकार को प्रश्नपत्र के लीक होने से रोकने और दोषियों को दंडित करने के लिए सख्त कानून बनाना चाहिए। इस समय पेपर लीक के कारण हमारे छात्रों का भविष्य खतरें में पड़ रहा हैं। आपको बता दें कि देश में अभी नीट पेपर लीक का मामला काफी विवादों में है। एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं। इस मामले में कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी नीट पेपर लीक को लेकर केस चल रहा है।
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