नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पंजाब से एक ऐसा मामला सामने आ रहा है जिसे सुनकर आपको भी अपने कानों पर यकीन नहीं होगा। दरअसल, भगवंत मान सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी किया जिसमें मंत्री कुलदीप धालीवाल को बताया गया कि वह 21 महीनें से जिस प्रशासनिक सुधार मंत्रालय के मंत्री हैं वह विभाग अस्तित्व में ही नहीं हैं। इसके बाद भगवंत मान सरकार विपक्षियों के निशाने पर है।
बिना विभाग 21 महीनें तक बने रहे मंत्री
शुक्रवार को भगवंत मान सरकार ने एक अधिसूचना जारी की जिसकी संख्या 21/1/2022-2 कैबिनेट/2230 थी। इसमें बताया गया कि कैबिनेट मंत्री केवल NRI मामलों के मंत्री हैं। हालांकि उन्हें प्रशासनिक सुधार विभाग भी आवंटित हुआ था लेकिन आज यह अस्तित्व में नहीं है। इसके बावजूद भी कुलदीप धालीवाल 21 महीनों से मंत्री बने हुए हैं। जब मई 2023 में पंजाब कैबिनेट में
फेरबदल हुआ था तो यह विभाग दिया गया था लेकिन बाद में पंजाब सरकार ने इस विभाग को खत्म कर दिया था। हालांकि इस बात की जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं है कि विभाग को क्यों खत्म किया गया।
विपक्ष ने साधा निशाना
इस मामले के सामने आते ही तमाम विपक्षी दल आम आदमी पार्टी की सरकार पर हमलावर हो गए। पंजाब भाजपा के महासचिव सुभाष शर्मा ने कहा, “यह सरकार के मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है कि एक ऐसा विभाग आवंटित किया गया है, जो अस्तित्व में नहीं है। इसके अलावा अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी भगवंत मान सरकार पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मंत्रियों को ऐसे विभाग आवंटित किए गए जो अस्तित्व में ही नहीं थे और उन्हें खुद भी नहीं पता कि उनके पास कौन से विभाग हैं। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि मंत्रियों की शासन में कोई भूमिका नहीं है क्योंकि सरकार दिल्ली से रिमोट कंट्रोल से चल रही है।





