नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। “देश बहुसंख्यकों के हिसाब से चलेगा” बयान देने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस शेखर कुमार यादव की मुश्किलें कम होती नहीं दिखाई दे रही है। जस्टिस शेखर कुमार यादव के बयान को लेकर बढ़ते विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा एक्शन लिया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस शेखर कुमार यादव को देश के सर्वोच्च न्यायालय में पेश होने के लिए समन भेजा है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव को अपने विवादित बयान पर स्पष्टीकरण देने को भी कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस शेखर कुमार यादव को भेजा समन
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाला कॉलेजियम इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस शेखर कुमार यादव के विवादित बयान वाले मामले की जल्द ही सुनवाई करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के शीतकालीन अवकाश यानी 17 दिसंबर 2024 से पहले देश का सर्वोच्च न्यायालय इस मामले पर विचार विमर्श करेगा।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले जस्टिस शेखर कुमार यादव के बयान से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स का संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट से रिपोर्ट मांगी थी। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक आधिकारिक बयान में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस शेखर कुमार यादव द्वारा दिए गए विवादित बयान की खबरों का संज्ञान लिया है। हमने इलाहाबाद हाईकोर्ट से इसके अलावा दूसरी डिटेल भी मांगी है और यह मामला विचार विचाराधीन है।
VHP के कार्यक्रम में की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर यादव ने 8 दिसंबर 2024 को विश्व हिंदू परिषद की लीगल सेल के एक कार्यक्रम में विवादित टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा था कि देश का कानून बहुसंख्यकों के हिसाब से चलेगा। यही नहीं उन्होंने अपने भाषण में कठमुल्ला जैसे शब्द का भी प्रयोग किया था। जस्टिस शेखर यादव ने कहा था कि भारत में जल्द ही समान नागरिक संहिता कानून भी लागू हो जाएगा। यह कानून बहुत ही जरूरी है।”




