नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । अतुल सुभाष सुसाइड मामले में बेंगलुरु पुलिस ने उनकी पत्नी निकिता, सास और साले को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, अब अतुल सुभाष के 4 वर्षीय बेटे को लेकर उसके भाई और पिता ने चिंता जताई है। अतुल के भाई विकास मोदी ने कहा कि मैं इस कार्रवाई के लिए बेंगलुरु पुलिस को धन्यवाद देना चाहता हूं। हालांकि, कुछ और लोगों के नाम हैं, जिनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। लेकिन मुझे विश्वास है कि जल्द उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। विकास ने कहा कि मुझे मेरे भतीजे की चिंता हो रही है, मेरा भतीजा किस हालत में है, उसको सार्वजनिक रखा जाए। अगर हो सके, तो उसे हमें दिया जाए। हम उसे अपने पास रखने के लिए तैयार हैं।
मैं चाहता हूँ कि मेरा पोता हमारे साथ रहे – दादा पवन कुमार मोदी
सुभाष के पिता पवन कुमार मोदी ने भी पोते को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि उसने हमारे पोते को कहां रखा है। क्या उसे मार दिया गया है या वह जीवित है? हमें उसके बारे में कुछ भी पता नहीं है। भावुक होते हुए मोदी ने कहा कि मैं चाहता हूँ कि मेरा पोता हमारे साथ रहे। उन्होंने कहा कि वे अपने पोते से कभी नहीं मिले और न ही उसे गोद में लिया। केवल बातचीत वीडियो कॉल पर ही हुई। उन्होंने कहा कि हम पीएम मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं से अपील करते हैं कि वे सुनिश्चित करें कि मेरा पोता मेरे पास आए… एक दादा के लिए उसका पोता उसके बेटे से ज़्यादा मायने रखता है।
न्याय अभी पूरा नहीं हुआ – भाई विकास मोदी
सुभाष के भाई विकास मोदी ने पुलिस को उनके अब तक के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि न्याय अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है लेकिन अभी तक गिरफ़्तार नहीं किया गया है। मुझे विश्वास है कि बेंगलुरु पुलिस जल्द से जल्द उनके खिलाफ़ कार्रवाई करेगी। इसके बाद, हमारे लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि मेरे भाई का बेटा अभी कहां है और किस हालत में है।
गौरतलब है कि 34 वर्षीय सॉफ़्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष ने इस सप्ताह की शुरुआत में आत्महत्या कर ली थी। अपने पीछे 26 पन्नों का नोट और वीडियो छोड़ा था, जिसमें अपनी अलग रह रही पत्नी निकिता सिंघानिया और उसके परिवार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। जिसके बाद निकिता, उसकी मां निशा सिंघानिया और भाई अनुराग सिंघानिया को बेंगलुरु पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। वहीं, अब उन्हें बेंगलुरु की स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।





