नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली में व्यापार करना अब पहले से आसान हो गया है। बीजेपी सरकार ने राजधानी के कारोबारियों को एक बड़ी राहत दी है। अब होटल, रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन स्थल चलाने वालों को दिल्ली पुलिस से अलग से लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी। यह फैसला व्यापारियों की 1997 से चली आ रही एक पुरानी मांग को पूरा करता है। तब से कारोबारी दिल्ली पुलिस से अलग लाइसेंस की बाध्यता को खत्म करने की मांग कर रहे थे। अब यह प्रक्रिया खत्म होने से कारोबार शुरू करना आसान और तेज़ हो जाएगा।
BJP ने निभाया चुनावी वादा: वीरेन्द्र सचदेवा
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने इस फैसले को “ट्रिपल इंजन सरकार” (केंद्र, राज्य और नगर निगम) का फायदा बताया। उन्होंने कहा: “पूर्ववर्ती कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सरकारों ने इस मुद्दे को अनदेखा किया, लेकिन बीजेपी ने इसे प्राथमिकता दी और केंद्र सरकार से स्वीकृति दिलाई। उपहार अग्निकांड (1997) के बाद शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने भी बार-बार कहा था कि दिल्ली पुलिस से अलग से लाइसेंस लेना अनुचित हस्तक्षेप है। इसके बावजूद पहले की सरकारों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
अब जिम्मेदारी नगर निगम और संबंधित विभागों की
इस नए नियम के तहत अब होटल, रेस्टोरेंट, ऑडिटोरियम, स्वीमिंग पूल , गेम पार्लर और मनोरंजन पार्क जैसे कारोबारों को दिल्ली पुलिस से लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी। अब यह जिम्मेदारी नगर निगम और संबंधित विभागों को सौंप दी गई है। इस फैसले से न सिर्फ कारोबारियों को राहत मिलेगी, बल्कि दिल्ली में व्यवसायिक माहौल और बेहतर होगा। व्यापारियों का कहना है कि अब उन्हें कम कागजी कार्यवाही, कम समय और कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दिल्ली में बीजेपी सरकार का यह फैसला राजधानी के छोटे-बड़े व्यापारियों के लिए बड़ी राहत बनकर आया है। अब कारोबार शुरू करना ज्यादा सरल, तेज होगा।





