नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में इस समय आदमखोर भेड़ियों ने आतंक मचा रखा है। जिले के लगभग 35 गांवों के लोग रात-रातभर जागकर अपने परिवार की रक्षा कर रहे हैं। वन विभाग के अनुसार इलाके में 6 भेड़ियों का एक झुंड है। जिसने इलाके में दहशत फैला रखा है। वन विभाग ने अबतक 4 भेड़ियों को पकड़ लिया है। जिसमें से 1 भेड़िये को वन विभाग ने आज पकड़ा है। वहीं बाकि बचे 2 भेड़ियों की तलाश की जा रही है।
6 भेड़ियों ने मचा रखा है आतंक
बहराइच में आतंक मचाने वाले भेड़ियों की संख्या जहां बहराइच के DFO 6 बता रहे हैं। तो वहीं इलाके के ग्रामीणों के अनुसार इन भेड़ियों की संख्या 2 दर्जन के आसपास है। आज जिस भेड़िये को पकड़ा गया है, उसे पकड़ने वाले अधिकारियों ने बताया कि भेड़िये का DNA सैंपल ले लिया गया है। अब टेस्टिंग के बाद ही पता लग पायेगा कि ये भेड़िया उसी ग्रुप का है, जिसने वारदातों को अंजाम दिया है या ये भेड़िया किसी और ग्रुप का है।
5 वन प्रभागों की 25 टीमें कर रही हैं भेड़ियों की खोज
इन भेड़ियों को पकड़ने के लिए 5 वन प्रभागों बहराइच, कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ, गोंडा, श्रावस्ती और बाराबंकी की 25 टीमें लगी हुई हैं। बताया जा रहा है कि इन आदमखोर भेड़ियों ने अपना दायरा बहराइच जिले के अन्य इलाकों तक में बढ़ा लिया है। भेड़ियों के डर से लोग रात-रातभर जागकर गांवों में पहरा दे रहे हैं। ग्रामीण अपने परिजनों और बच्चों को अंधेरा होने के बाद घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। जब भी किसी इलाके में भेड़िये दिखते हैं और ग्रामीण उसकी सूचना वन विभाग को देते हैं। तब तक भेड़िये गन्ने के खेतों में भागकर छुप जाते हैं। जिससे भेड़ियों को पकड़ने में विभाग को परेशानी हो रही है।
हाथ में राइफल लेकर भेड़ियों की खोज में निकले BJP विधायक सुरेश्वर सिंह
भेड़ियों के आतंक से ग्रामीणों को बचाने के लिए बहराइच के मेहसी सीट से BJP विधायक सुरेश्वर सिंह अपने समर्थकों के साथ बंदूक लेकर क्षेत्र में निकले हुए हैं। सबके पास आधुनिक हथियार है। विधायक का कहना है कि वो 4 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। अगर लोगों पर कोई खतरा आया है तो उनको इससे बचाने की जिम्मेदारी उनकी है। इसलिए वो बंदूक लेकर इसलिए निकले हैं ताकि लोगों को ये भरोसा दिला सकें कि वो सुरक्षित हैं।
सबसे पहले 7-7 साल के 2 बच्चों पर भेड़ियों ने किया था हमला
बता दें कि, जिले के औराही गांव से भेड़ियों ने आतंक मचा दिया था। इसी गांव में भेड़ियों के झुंड ने पहला अटैक 7-7 वर्ष के दो बच्चों पर किया था। अपनी मां के साथ सोए फिरोज नाम के एक बच्चे की गर्दन दबोच भेड़िये भागने लगे। इसी दौरान बच्चे की मां जग गई और बच्चे के दोनों पैर पकड़कर अपने बेटे को बचाने की कोशिश करने लगी। मां के शोर मचाने पर ग्रामीण जग गए और भेड़ियों की तरफ दौड़े। लोगों को देखकर भेड़िये बच्चे को घर से 200 मीटर दूर खेतों में छोड़कर भाग गए। जिसके बाद परिजन बच्चे को अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। तब जाकर बच्चे की जान बच सकी। वहीं औराही गांव में ही भेड़ियों ने एक दूसरे 7 साल के बच्चे राहुल पर भी हमला किया था।




