नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के बहराइच में हुई हिंसा के कुछ दिनों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया है। इस कार्रवाई के तहत महसी चौकी इंचार्ज और हरदी थाने के एसओ को निलंबित करने के बाद महसी के CO रुपेंद्र गौड़ को हटा दिया गया है।
रामपुर के CO रवि खोखर को CO महसी का इंचार्ज बनाया गया
रामपुर के CO रवि खोखर को CO महसी का इंचार्ज बनाया गया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि बहराइच हिंसा के पीड़ित के परिवार को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने पीड़ित के परिवार से लखनऊ में मुलाकात के बाद कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
सरकार की ओर से परिवार को की गई मदद
पीड़ित के परिवार को सरकार की ओर से 10 लाख रुपये मुआवजा, पीएम आवास योजना के तहत एक घर और एक अंत्योदय कार्ड दिया गया है। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बहराइच की घटना पर उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि जो लोग इसमें शामिल हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को हुई थी घटना
रविवार को दुर्गा मूर्ति के विसर्जन के दौरान बहराइच के महसी इलाके में दो समुदायों के बीच संघर्ष हो गया। पुलिस के अनुसार यह काफिला मुस्लिम इलाके से गुजर रहा था जब दोनों गुटों के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस के बाद फायरिंग हो गई थी।
पुलिस सुपरीटेंडेंट ने क्या कहा
बहराइच पुलिस की सुपरीटेंडेंट वृंदा शुक्ला ने कहा कि महसी के महाराजगंज इलाके में मस्जिद के रास्ते होते हुए विसर्जन के लिए मूर्ति जा रही थी। यह मुसलमान बहुल इलाका है। इसके बाद किसी मुद्दे पर दोनो पक्षों के बीच बहस होने लगी। इसके बाद हिंदू समुदाय के शख्स पर गोलियां चलाई गईं। इसके बाद स्थिति चिंताजनक हो गई। इसके बाद पुलिस ने इलाके में रूट मार्च निकाला। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि जो इसमें शामिल हैं उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।





