नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बहराइच हिंसा के तीन आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की सरकार की कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। अब इस मामले में बुधवार को सुनवाई की जाएगी। जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा, “आप कोर्ट के द्वारा पास किए गए आदेश से अवगत हैं, इन आदेशों का उल्लंघन करने का खतरा लेना चाहते हैं तो आपकी इच्छा है।”
SC ने बिना अनुमति के तोड़फोड़ करने पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने बिना अनुमति के पूरे देश में कही पर भी तोड़फोड़ करने पर रोक लगा रखी है। जबकि सड़कों पर फुटपाथ, रेल पटरी पर अतिक्रमण को इस दायरे से बाहर रखा गया है। 1 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी अधिकारियों द्वारा गैरकानूनी रूप से बुलडोजर से तोड़फोड़ को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक समूह में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
अगली सुनवाई बुधवार को की जाएगी
जस्टिस बी.आर. गवई ने पूछा यह मामला हाईकोर्ट में है। आप इस अदालत के आदेशों से अवगत हैं। अगर यूपी सरकार इन आदेशों की अवहेलना का जोखिम उठाना चाहती हैं, तो यह उनकी मर्जी।
इस मामले में सुनवाई बुधवार को की जाएगी और तब तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। PWD की ओर से जिन 23 लोगों के घरों और दुकानों पर नोटिस चिपकाया गया था, उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। 23 अक्टूबर को सुनवाई के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि बहराइच में 13 अक्टूबर को शाम को दुर्गा की मूर्ति के विसर्जन के लिए जुलूस निकाला जा रहा था। जैसे ही यह जुलूस विशेष समुदाय के रहवासी इलाके से गुजर रहा था तो दो पक्षों में कहासुनी हो गई। इस दौरान छतों से पत्थर फेंके जाने लगे। इस दौरान रामगोपाल नामक एक व्यक्ति को गोली मार दी गई और उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसके बाद यह बुल्डोजर की कार्यवाई होनी थी।




