नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनावों के बाद अब देश की राजनीति का फोकस वर्ष 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों पर टिक गया है। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों ने अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है। अगले साल देश के पांच राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी शामिल हैं। इन राज्यों के चुनाव न सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति बल्कि राष्ट्रीय सियासी समीकरणों को भी प्रभावित करेंगे।
2026 में क्यों अहम हैं ये चुनाव
भारत में लोकसभा और विधानसभा का कार्यकाल पांच साल का होता है। कार्यकाल खत्म होने से पहले चुनाव आयोग चुनाव कराता है। वर्ष 2026 में जिन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं, वे राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। खासतौर पर पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे बड़े राज्यों में सत्ता परिवर्तन या सरकार की वापसी राष्ट्रीय दलों के लिए बड़ी परीक्षा होगी।
असम: बीजेपी बनाम कांग्रेस की सीधी टक्कर
असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अप्रैल-मई 2026 में चुनाव संभावित हैं। 126 सीटों वाली असम विधानसभा में फिलहाल मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार है। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई विपक्ष को मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं। असम में एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
केरल: लेफ्ट बनाम कांग्रेस
केरल विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 तक है। 140 सीटों वाले इस राज्य में अप्रैल-मई 2026 में चुनाव होने की संभावना है। फिलहाल सीपीआईएम के पिनाराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ की सरकार है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ मुख्य विपक्ष है। बीजेपी अभी भी केरल में मजबूत आधार बनाने की कोशिश कर रही है।
तमिलनाडु: द्रविड़ राजनीति की अग्निपरीक्षा
तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल भी 10 मई 2026 को खत्म हो रहा है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन सत्ता में है। आगामी चुनाव में इस गठबंधन को एआईएडीएमके-बीजेपी गठजोड़ से चुनौती मिलने की उम्मीद है।
पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी बनाम बीजेपी
294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल मई 2026 में खत्म होगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का मुकाबला एक बार फिर बीजेपी से माना जा रहा है। कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन की भूमिका सीमित क्षेत्रों तक रहने की संभावना है।
पुडुचेरी: छोटी विधानसभा, बड़ा सियासी महत्व
पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून 2026 को समाप्त होगा। 30 सीटों वाले इस केंद्रशासित प्रदेश में फिलहाल एनडीए की सरकार है और एन रंगासामी मुख्यमंत्री हैं। आगामी चुनाव में एनडीए बनाम कांग्रेस-डीएमके-लेफ्ट गठबंधन के बीच मुकाबला तय माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, 2026 के विधानसभा चुनाव देश की राजनीति की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं, जहां हर राज्य में अलग-अलग सियासी समीकरण देखने को मिलेंगे




