नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अश्नीर ग्रोवर का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो टॉक्सिक वर्क कल्चर के बारे में बात कर रहे हैं। इसी बीच लखपति हर्ष गोयनका चर्चा में शामिल हो जाते हैं और कहते हैं कि भारत पे के पूर्व CEO टॉक्सिक वर्क कल्चर को सपोर्ट करते हैं। इसी बीच अश्नीर ने वीडियो में बताया कि क्यों उन्होंने ₹1 करोड़ के पैकेज के बाद भी EY छोड़ दी थी।
वहां सिर्फ लाशें पड़ी थीं, उनका क्रिया कर्म करना रह गया था बस
अश्नीर ने बताया कि उन्होंने EY ₹1 करोड़ के पैकेज पर जॉइन की थी। वो जैसे ही ऑफिस में गए, उन्होंने एक्टिंग की कि उनकी छाती में दर्द हो रहा है। मुझे जाने दो। वो वहां से बाहर आना चाहते थे। उन्होंने कहा कि ऑफिस का माहौल बहुत खराब था। ऐसा लग रहा था वहां पर लोग जिंदा लाश की तरह काम कर रहे हैं। वीडियो में उन्होंने कहा कि वहां सिर्फ लाशें पड़ी थीं, उनका क्रिया कर्म करना रह गया था बस।
क्या होता है बेहतर ऑफिस
उन्होंने आगे कहा कि बेहतर ऑफिस वो होता है जहां पर लोग एक दूसरे से लड़ रहे हों। वो काम करने के लिए बेस्ट ऑफिस है। जहां कोई बोल रहा हो कि बड़ा टॉक्सिक कल्चर है, वो बहुत सही ऑफिस है। समझ लो कि काम वहीं हो रहा है। बाकी नॉन-टॉक्सिक बोलने वाले तो बहुत लोग मिल जाएंगे।
पुणे में हाल ही में सामने आया वर्कलोड के कारण कर्मचारी की मौत का मामला
मल्टीनेशनल कंसलटिंग फर्म EY (Ernst and young) पुणे में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी की हाल ही में मौत हो गई थी। जिसके बाद कर्मचारी की मां ने दावा किया कि वर्कलोड के कारण उनकी बेटी अन्ना (Anna) की मौत हो गई। लेकिन कंपनी ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि हम इस बात पर विश्वास नहीं कर सकते कि उसकी मौत वर्कलोड के कारण हुई है।
कंपनी ने दिया जवाब
कंपनी के चेयरमैन राजीव मेमानी ने अपने जवाब में लिखा है कि कंपनी एक लाख लोगों को नौकरी देती है और सभी को कड़ी मेहनत करनी चाहिए। अन्ना हमारे साथ 4 महीनों तक रहीं। उसे किसी अन्य कर्मचारी की तरह ही काम दिया गया था। वो इस बात को नहीं मान सकते हैं कि वर्क प्रेशर के कारण अन्ना की मौत हुई है।




