नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । एशिया कप 2025 के सुपर-4 मुकाबले में भारत ने 21 सितंबर को पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। दुबई में खेले गए इस मुकाबले से पहले देश में विपक्ष और कई लोग विरोध कर रहे थे। जीत के साथ भारत ने सुपर-4 में अपनी स्थिति मजबूत कर दी और फाइनल की राह आसान कर ली।
इस बीच, महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट और संजय राउत की मैच संबंधी टिप्पणियों पर निशाना साधा।
मंत्री आशीष शेलार का शिवसेना नेता संजय राउत पर हमला
महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने मंगलवार (23 सितंबर) को कहा कि, संजय राउत और उद्धव ठाकरे की शिवसेना की लगातार भूमिका और ICC चेयरमैन जय शाह की आलोचना देखकर यही कहा जा सकता है कि संजय राउत अपने लिए ‘पाकिस्तान भूषण’ अवॉर्ड पाने की तैयारी में हैं।
महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि, एशिया कप में भारत ने पाकिस्तान को दो मुकाबलों में हराया, लेकिन संजय राउत और यूबीटी ने टीम ने जीत को लेकर टीम इंडिया का अभिनंदन नहीं किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बहुत जल्दी उन्हें ‘पाकिस्तान भूषण’ अवॉर्ड मिल सकता है।
कांग्रेस को पाकिस्तान देश अच्छा लगता है- आशीष शेलार
मंत्री आशीष शेलार ने आगे कहा, “स्पष्ट है कि जो पाकिस्तान को चाहिए, वही संजय राउत कर रहे हैं। दूसरी घटना में, राहुल गांधी के सलाहकार सैम पित्रोदा ने कहा कि दुनिया में घूमता हूं और पाकिस्तान में जाता हूं तो अपने घर में ही आया हूं। जहां दाऊद और बड़े आतंकवादी मौजूद हैं, वहां पाकिस्तान को अपना घर मानना कांग्रेस की भूमिका है, और उसके खिलाफ संजय राउत चुप हैं।”
”यासीन मलिक की टिप्पणी पर क्यों नहीं बोलते संजय राउत”
मंत्री आशीष शेलार ने कहा, “यासीन मलिक ने कोर्ट में एफिडेविट दिया कि उसने मुंबई पर हमला करने वाले हाफिज सईद से पाकिस्तान में मिलकर बातचीत की, तो तत्कालिन पीएम मनमोहन सिंह ने उन्हें शाबाशी दी। इसके बावजूद संजय राउत और यूबीटी की सेना ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।”
”उद्धव सरकार ने अपने नजदीकी बिल्डर्स को फायदा पहुंचाया”
बीजेपी नेता ने एक सवाल के जवाब में कहा कि BMC का डिपॉजिट तीन साल में 12 हजार करोड़ रुपये कम हुआ, लेकिन इसकी जिम्मेदार उद्धव ठाकरे की सरकार है। उन्होंने बताया कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री और आदित्य ठाकरे के महापालिका प्रमुख रहने के दौरान कोरोना के समय नजदीकी बिल्डर्स का 12 हजार करोड़ माफ किया गया और प्रीमियम में छूट दी गई। यदि यह पैसा बीएमसी को मिलता, तो फिक्स डिपॉजिट में रहता। यह नुकसान उद्धव और आदित्य ठाकरे का पाप है।




