नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। जम्मू कश्मीर के रियासी में 9 जून 2024 को श्रद्धालुओं की बस पर हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने आतंकवादियों की तलाश तेज कर दी है। आतंकवादियों की 2017 के बाद श्रद्धालुओं पर हमले की यह पहली घटना है, वर्ष 2017 में उस समय आतंवादियों ने अमरनाथ की यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं पर हमला किया था।
ड्रोन की मदद से भी आतंकियों को खोजने की कोशिश की जा रही है
जम्मू कश्मीर में कल हुए हमले को लेकर भारतीय सेना ने तेजी के साथ सर्च अभियान जारी कर दिया है। इसके लिए फॉरेंसिक टीम को भी आतंकियों की जानकारी का पता लगाने के लिए सर्च अभियान में शामिल किया गया है। ड्रोन की मदद से भी आतंकियों को खोजने की कोशिश की जा रही है। इस सर्च अभियान को भारतीय सेना सीआरपीएम और जम्मू कश्मीर पुलिस की मदद से अंजाम दे रही है। आतंवादियों के हमले में 10 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है और 33 श्रद्धालु बुरी तरह से घायल हो गए।
हमले के बाद पूरे इलाके में सेना की भारी तैनाती कर दी गयी है
सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों ने 10 जून 2024 तक राहत और बचाव कार्य को पूरा किया। भारतीय सुरक्षा बलों ने हमले के बाद से सर्च अभियान जारी कर दिया था। सुरक्षा बलों ने घटना स्थल से लेकर 100 किलोमीटर के इलाके में घेराबंदी की हुई है। घने जंगल में आतंकवादियों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बल ड्रोन कैमरा की मदद ले रहे हैं। भारतीय सेना सीआरपीएम के जवान और जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर पूरे जोर से सर्च अभियान चलाये हुए हैं। घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर आतंकवादियों का सुराग ढूंढने की पूरी कोशिश की।
रियासी की एसएसपी मोहिता शर्मा ने जानकारी दी कि बस में सवार यात्रियों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। बस में सवार अधिकतर यात्री उत्तर प्रदेश से हैं। स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) भी 10 जून 2024 की सुबह घटना स्थल पर पहुंची और बचाव कार्य पूरा करने के बाद, वे भी आतंवादियों की तलाश में जुट गए। हमले के बाद पूरे इलाके में सेना की भारी तैनाती कर दी गयी है।
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