नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कोलकाता रेप-मर्डर मामले की CBI जांच के बीच एक ऑडियो क्लिप काफी वायरल हो रही है। इस ऑडियो क्लिप को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के 2 जूनियर डॉक्टर की बातचीत चल रही है। जिसमे आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉक्टर संदीप घोष के प्रभाव और पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार से उनके संबंध को लेकर बात हो रही है। बता दें कि हम यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि वायरल ऑडियो क्लिप में एक आवाज डॉक्टर संदीप घोष के सहयोगी डॉ. सारिफ हसन की है। जानकारी के लिए बता दें कि डॉ. सारिफ हसन से केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई पहले ही 3 बार पूछताछ कर चुकी है।
डॉक्टर सारिफ हसन ने काफी शक्तिशाली लोगों का नाम लेकर धमकाया था
वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वायरल ऑडियो क्लिप में दूसरी आवाज डॉक्टर अनुभव साहा की बताई जा रही है। डॉ. अनुभव साहा को डॉक्टर संदीप घोष के ग्रुप का घोर विरोधी बताया जाता है। वहीं न्यूज-18 की रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर अनुभव साहा ने जानकारी दी है कि यह वायरल ऑडियो क्लिप आरजी कर अस्पताल की घटना से पहले की है, जिसमे वह डॉक्टर सारिफ हसन से बातचीत कर रहे थे।
डॉक्टर अनुभव साहा ने बताया कि यह ऑडियो क्लिप उस समय की है, जब डॉक्टर सारिफ हसन ने उनके(डॉक्टर साहा) खिलाफ सरकारी अस्पताल की एंटी-रैगिंग कमेटी और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। डॉक्टर साहा ने बताया कि उन्हें डॉक्टर सारिफ हसन ने काफी शक्तिशाली लोगों का नाम लेकर धमकाया था। उसने धमकी दी थी कि अगर तुम मेरे ग्रुप में शामिल नहीं हुए तो तुम्हे निलंबन जैसे नतीजों के लिए तैयार रहना होगा।
इस वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर शिकायत दर्ज कर दी है: हसन
वहीं डॉक्टर सारिफ हसन ने अपने ऊपर लगे सारे आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने बताया कि यह वायरल ऑडियो क्लिप AI की मदद से बनाई गई है। डॉक्टर सारिफ हसन ने कहा है कि उन्होंने इस वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर शिकायत दर्ज कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले की जांच कर रही है। डॉक्टर सारिफ हसन ने जानकारी दी कि उन्हें भी CBI ने जांच के लिए बुलाया था। मैने इस मामले को लेकर जो भी कहना था वो सीबीआई को कह दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वायरल ऑडियो क्लिप में साफ साफ सुनाई दे रहा है कि पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को ममता दीदी का संरक्षण मिला हुआ है। इसी कारण उसका इस्तीफा नहीं लिया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि यहां ममता दीदी का मतलब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से है, जिनको लोग प्यार से ममता दीदी कहकर भी पुकारते हैं।




