लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बिहार विधान सभा के स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को पटना में बिहार विधान सभा और बिहार विधान परिषद के सदस्यों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्यों को संबोधित करते हुए सभी राजनीतिक दलों से यह अनुरोध किया। हाल ही में संपन्न हुए सत्रहवीं लोकसभा के आठवें सत्र में 121 प्रतिशत उत्पादकता का जिक्र करते हुए बिरला ने राज्य विधानमंडलों में उत्पादकता सम्बन्धी प्रतिस्पर्धा शुरू करने पर भी बल दिया। उन्होंने सत्रों के दौरान सदन की बैठकों की घटती अवधि पर भी चिंता जाहिर की। उन्होने बिहार विधान सभा डिजिटल टीवी और बिहार विधान सभा पत्रिका का भी शुभारंभ किया और इसके साथ-साथ उन्होंने बिहार विधान सभा भवन के शताब्दी स्मृति स्तंभ की प्रतिकृति का अनावरण भी किया और परिसर में एक बोधि वृक्ष लगाया। कार्यक्रम में बोलते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने संसद के रूल्स और प्रोसीजर का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें अभी भी औपनिवेशिक प्रभाव है, जिसकी समीक्षा की जानी चाहिए। कानून निर्माण में देरी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस समस्या का निदान होना चाहिए क्योंकि इसका जनता के हितों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सांसदों को बजट स्क्रूटनी के लिए अपना ज्ञान बढ़ाना होगा, क्योंकि सरकार का उत्तरदायित्व निश्चित करने के लिए यह आवश्यक है। कार्यक्रम में बिहार विधानमंडल के 300 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश के साथ-साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बिहार विधान सभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधान सभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और कई अन्य विशिष्टजन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र के बाद संसदीय प्रश्न और विधायी प्रक्रिया और संसदीय विशेषाधिकार और समिति प्रणाली पर भी सत्र हुए। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी, लोक सभा सांसद रविशंकर प्रसाद और राजीव प्रताप रूडी ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। –आईएएनएस एसटीपी/एएनएम





