back to top
27.1 C
New Delhi
Tuesday, March 17, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

तेलंगाना विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुने गए टीआरएस के सभी 6 उम्मीदवार

हैदराबाद, 23 नवंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के पूर्व उपमुख्यमंत्री कदियाम श्रीहरि, तेलंगाना विधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष जी. सुखेंद्र रेड्डी और राज्यसभा सदस्य बंदा प्रकाश सहित सभी छह उम्मीदवार विधानसभा (विधायक) कोटे से सोमवार को तेलंगाना विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुने गए। रिटर्निग ऑफिसर ने घोषणा की कि उन्हें सर्वसम्मति से चुना गया, क्योंकि छह सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव के लिए केवल छह नामांकन प्राप्त हुए थे। सभी छह नवनिर्वाचित विधायकों को नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन सोमवार को रिटर्निग ऑफिसर से प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ। श्रीहरि और सुखेंद्र रेड्डी लगातार दूसरी बार राज्य विधानमंडल के ऊपरी सदन के लिए चुने गए हैं। सत्तापक्ष ने चौंकाने वाले फैसले में बंदा प्रकाश को परिषद में भेजा है। वह 2018 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उच्च सदन के लिए चुने गए लोगों में पी. वेंकटरामी रेड्डी शामिल हैं, जिन्होंने 15 नवंबर को सिद्दीपेट जिला कलेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था। वेंकटरामी रेड्डी, जिनकी मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के पैर छूने और अदालतों के खिलाफ कथित अवमाननापूर्ण टिप्पणी ने विवाद पैदा कर दिया था, उन्होंने 15 नवंबर को सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। उन्हें 2007 में आईएएस रैंक में पदोन्नत किया गया था और अगले दिन टीआरएस उम्मीदवार नामित किया गया था। पी. कौशिक रेड्डी, जिन्होंने चार महीने पहले टीआरएस में शामिल होने के लिए कांग्रेस छोड़ दी थी, को भी परिषद के लिए चुना गया है। राज्य मंत्रिमंडल ने 1 अगस्त को कौशिक रेड्डी को राज्यपाल के कोटे के तहत नामित करने का फैसला किया था और राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन को एक सिफारिश भेजी थी। हालांकि, राज्यपाल ने फाइल को मंजूरी नहीं दी, इसलिए टीआरएस ने उन्हें विधायक कोटे के तहत परिषद में भेजने का फैसला किया। टीआरएस सचिव टी. रविंदर राव भी उच्च सदन के लिए चुने गए हैं। विधान परिषद की छह सीटों के लिए 29 नवंबर को चुनाव होने थे। चूंकि 119 सदस्यीय विधानसभा में टीआरएस के 100 से अधिक सदस्य हैं, इसलिए उसके सभी उम्मीदवारों का चुनाव केवल औपचारिकता थी। मौजूदा एमएलसी का कार्यकाल जून में समाप्त हो गया, लेकिन देश में कोविड -19 की दूसरी लहर के प्रकोप के कारण चुनाव नहीं हो सके। अकुल्ला ललिता, मोहम्मद फरीदुद्दीन, गुथा सुखेंद्र रेड्डी, नेथी विद्यासागर, बोडाकुंटी वेंकटेश्वरलु और कदियम श्रीहरि का कार्यकाल 3 जून को समाप्त हो गया। उनमें से केवल सुखेंद्र रेड्डी और श्रीहरि को फिर से नामित किया गया है। –आईएएनएस एसजीके

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

West Bengal Election 2026: क्या चौथी बार सत्ता में लौटेंगी ममता बनर्जी या BJP बदलेगी 15 साल का खेल?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को...

Nora Fatehi के नए गाने पर मचा बवाल, अब सिंगर Armaan Malik ने भी किया रिएक्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। नोरा फतेही (Nora Fatehi) इस...

बिहार में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद ‘INDIA’ में रार, तेजस्वी यादव पर भड़के पप्पू यादव

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सोमवार 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव...