नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क: समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी Indian Political Action Committee के साथ अपना करार खत्म कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब Mamata Banerjee की पार्टी TMC को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में करारी हार का सामना करना पड़ा है।
बंगाल चुनाव के नतीजों का असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, I-PAC ने पश्चिम बंगाल में TMC और तमिलनाडु में DMK के चुनावी अभियान को संभाला था। लेकिन दोनों राज्यों में मिले खराब नतीजों के बाद इस कंपनी की रणनीति पर सवाल उठने लगे। इसी को देखते हुए अखिलेश यादव ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इस डील को रद्द करने का फैसला लिया।
सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी अब किसी दूसरी रणनीतिक कंपनी या नई टीम के साथ काम कर सकती है, ताकि चुनावी तैयारियों को नए तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
ED कार्रवाई और अन्य कारण भी अहम
I-PAC हाल के दिनों में जांच एजेंसियों के रडार पर भी रहा है। कंपनी से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई और कुछ गिरफ्तारियों ने भी इसकी साख पर असर डाला है।
बताया जा रहा है कि इन घटनाओं के बाद SP नेतृत्व ने जोखिम कम करने और नई रणनीति अपनाने के लिए यह कदम उठाया। हालांकि पार्टी पूरी तरह प्रोफेशनल चुनावी सलाहकारों से दूरी नहीं बना रही है, बल्कि नए विकल्प तलाश रही है।
कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव के नतीजों ने न सिर्फ राज्य की राजनीति बल्कि उत्तर प्रदेश की सियासत पर भी असर डाला है, जहां 2027 चुनाव से पहले रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।





