नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं। हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को आगाह करते हुए कहा है कि कोरोना को लेकर लापरवाही दोहराई गई तो गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी की पिछली गलतियां लोगों के लिए जानलेवा साबित हुई थीं।
“समय रहते चेत जाए सरकार” – अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा,”खतरे की घंटी बजने से पहले कोरोना के नियंत्रण और रोकथाम के लिए सरकार को समय रहते चेतना होगा। पिछली बार की तरह लापरवाही और बदइंतजामी की चूक दोहराई गई तो इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस कोरोना वैक्सीन के सर्टिफिकेट पहले बांटे जा रहे थे, वह अब नाकाम साबित हो रही है, ऐसे में सजग रहना और भी जरूरी हो गया है।
“डर नहीं, लेकिन लापरवाही भी नहीं” – सावधानी की सलाह
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि हालात अभी भले ही गंभीर न हों, लेकिन कोरोना जैसी बीमारियां अपना रूप बदलकर दोबारा आती हैं। सरकार को चाहिए कि वह अपने स्वास्थ्य और सूचना तंत्र का पूरा उपयोग करे ताकि लोगों में अनावश्यक डर न फैले, लेकिन साथ ही उपेक्षा भी न हो।
देश में कोरोना के अभी कितने मामले हैं?
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 19 मई 2025 तक देश में कोविड-19 के 257 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से अधिकतर मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अभी से जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो देश फिर से संक्रमण की चपेट में आ सकता है। हांगकांग और सिंगापुर जैसे देशों में कोरोना के मामलों में तेजी देखी जा रही है। ऐसे में भारत को भी सचेत रहने की जरूरत है, क्योंकि वायरस का नया रूप कहीं अधिक तेजी से फैल सकता है। देश में भले ही अभी कोरोना की स्थिति गंभीर न हो, लेकिन सरकार और जनता दोनों को ही लापरवाही से बचने की जरूरत है। अखिलेश यादव की सलाह में चिंता के साथ-साथ सजगता का भी संदेश है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।




