नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। साल 2020 में पूरी दुनिया को हिला देने वाला कोरोना वायरस अब एक बार फिर वापसी करता दिख रहा है। कई देशों जैसे सिंगापुर और हांगकांग में कोविड-19 के मामलों में अचानक उछाल देखा गया है। ऐसे में भारत में भी चिंता की लहर है। हालांकि अभी स्थिति नियंत्रण में है।
भारत में 257 एक्टिव केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 19 मई 2025 तक देश में 257 सक्रिय मामले हैं। इनमें से केरल में 69, महाराष्ट्र में 44 और तमिलनाडु में 34 केस सामने आए हैं। बीते हफ्ते कुल 164 नए मामले दर्ज किए गए। हेल्थ डिपार्टमेंट पूरी तरह सतर्क है और आपात बैठकें और समीक्षा जारी हैं। केंद्र सरकार ने सभी अस्पतालों को इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों और सांस से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर नजर रखने को कहा है। ICMR, NCDC और अन्य एजेंसियां मिलकर हालात की निगरानी कर रही हैं ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
नई लहर के पीछे ये वेरिएंट हो सकते हैं जिम्मेदार
सिंगापुर और हांगकांग में मामलों में उछाल LF.7 और NB.1.8 वेरिएंट के कारण बताया जा रहा है। ये दोनों ही JN.1 वेरिएंट से निकले हैं। भारत में अभी तक JN.1 की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।
इन आसान उपायों से रोक सकते हैं कोरोना को फैलने से
हाथ धोना जरूरी है – साबुन और पानी से 20 सेकंड तक हाथ धोएं।
हाथों को बार-बार चेहरे पर न लगाएं – मुंह, आंख और नाक को अनावश्यक रूप से न छुएं।
सोशल डिस्टेंसिंग – घर में और बाहर भी लोगों से उचित दूरी बनाए रखें।
बीमार होने पर खुद को अलग करें – परिवार या दोस्तों से दूर रहें और डॉक्टर से सलाह लें।
भीड़ से बचें – सामूहिक आयोजनों और धार्मिक स्थलों पर जाने से फिलहाल परहेज करें।
मास्क का इस्तेमाल करें – खासतौर पर बाहर जाते समय मास्क जरूर पहनें।
सतहों को साफ रखें – दरवाजे, मोबाइल, लाइट स्विच, नल आदि को नियमित रूप से साफ करें।
खांसते या छींकते समय सावधानी रखें – रुमाल या कोहनी का इस्तेमाल करें।
सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें – स्वास्थ्य मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानें। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। हालांकि संख्या कम है, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है। ज़रूरत है जागरूकता और सतर्कता की। अगर हम सभी मिलकर साफ-सफाई, दूरी और मास्क के नियमों का पालन करें, तो इस बीमारी को फिर से फैलने से रोका जा सकता है।




