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Friday, April 3, 2026
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300 करोड़ की लैंड डील में बवाल: अजित पवार के बेटे पार्थ पर जांच की आंच, 40 एकड़ सरकारी जमीन बेचने का आरोप

महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार से जुड़ी एक 300 करोड़ रुपये की जमीन डील को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार से जुड़ी एक 300 करोड़ रुपये की जमीन डील को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पुणे की 40 एकड़ सरकारी जमीन को एक निजी कंपनी को बेचा गया और 6 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी भी माफ कर दी गई। इस मामले को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

पुणे के पॉश इलाके मुंधवा में ‘महार वतन’ श्रेणी की सरकारी जमीन का सौदा 300 करोड़ रुपये में हुआ। यह जमीन अमादिया इंटरप्राइजेज एलएलपी नाम की कंपनी को बेची गई। इस कंपनी में पार्थ पवार और दिग्विजय अमर सिंह पाटिल पार्टनर हैं। जानकारी के मुताबिक, जमीन की बिक्री शीतल तेजवानी नाम के व्यक्ति के ज़रिए की गई, जिसके पास इस जमीन का पावर ऑफ अटॉर्नी था। हैरानी की बात ये है कि जमीन सरकारी थी और ऐसे में इसे किसी निजी कंपनी को बेचा ही नहीं जा सकता था।

 स्टांप ड्यूटी में गड़बड़ी का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि इस सौदे में 5.89 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी देय थी, लेकिन इसे माफ कर दिया गया। इतना ही नहीं, बिना एनओसी (No Objection Certificate) के ही दस्तावेज पंजीकृत कर दिया गया। दस्तावेज सिर्फ 500 रुपये की स्टांप ड्यूटी पर दर्ज किया गया, जिससे सरकार को करीब 6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

FIR दर्ज और अफसर सस्पेंड

संयुक्त जिला रजिस्ट्रार संतोष हिंगाने की शिकायत पर बावधान पुलिस स्टेशन में तीन लोगों दिग्विजय पाटिल, शीतल तेजवानी, रविंद्र तारू सब-रजिस्ट्रार के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इन पर बीएनएस की धारा 316(5) (सार्वजनिक सेवक द्वारा विश्वासघात) और 318(2) (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही सब-रजिस्ट्रार आर.बी. तारू को निलंबित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बना दी है, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खर्गे करेंगे। समिति ये पता लगाएगी कि सरकारी जमीन निजी कंपनी को कैसे बेची गई? क्या स्टांप ड्यूटी में दी गई छूट नियमों के अनुसार थी या नहीं? अजित पवार ने इस सौदे से खुद को पूरी तरह अलग बताया है। उन्होंने कहा कि “इस जमीन से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। वहीं सूत्रों के मुताबिक, पार्थ पवार की ओर से कहा गया है कि सौदे में किसी तरह की अवैधता नहीं की गई है और सभी कागजात नियमों के तहत हैं।

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