नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज 11 अक्टूबर को जयप्रकाश नारायण की जयंती पर लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर जाने की कोशिश की। अखिलेश यादव वहां जाकर जयप्रकाश नारायण की मूर्ति पर माल्यार्पण करना चाहते थे। लेकिन उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई और रास्ते में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने घर से जयप्रकाश नारायण की मूर्ती निकालकर अपने घर के बाहर पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मूर्ती पर माल्यार्पण किया।
नीतीश कुमार NDA से अपना समर्थन वापस ले लें: अखिलेश यादव
इसके बाद अखिलेश यादव ने योगी सरकार और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। यही नहीं अखिलेश यादव ने JDU के मुखिया और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील कर डाली की वह NDA से अपना समर्थन वापस ले लें। लेकिन अखिलेश यादव का बयान उनपर ही भारी पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। नीतीश कुमार की पार्टी JDU के प्रवक्ता राजीव रंजन ने अखिलेश यादव के बयान को लेकर कहा है कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को NDA गठबधन तोड़ने की सलाह देने की जगह खुद पर ही आत्ममंथन करना चाहिए। अखिलेश यादव ने जयप्रकाश नारायण के जीवन के सिद्धांतों को खुद अपने जीवन में कितना अपनाया है?
जयप्रकाश नारायण लोकतंत्र की बात किया करते थे: राजीव रंजन
JDU के प्रवक्ता राजीव रंजन ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि जयप्रकाश नारायण लोकतंत्र की बात किया करते थे, लेकिन अखिलेश यादव के वहां अपना खुद का आंतरिक लोकतंत्र है। आप देख सकते हैं कि अखिलेश यादव ने लोकसभा, विधानसभा और राज्यसभा समेत सभी मुख्य पदों अपने परिवार के लोगों को बैठा रखा है। राजीव रंजन ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जयप्रकाश नारायण के सच्चे सिपाही हैं और वह बिहार में बेहतर तालमेल के साथ गठबंधन चला रहे हैं।





