नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। केदारनाथ धाम में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एम्स (AIIMS) का एक सरकारी हेलीकॉप्टर दो डॉक्टरों को लेकर केदारनाथ जा रहा था, तभी लैंडिंग के समय उसमें तकनीकी दिक्कत आ गई। पायलट ने समझदारी दिखाते हुए इमरजेंसी लैंडिंग की, जिससे सभी की जान बच गई।
ये घटना केदारनाथ हेलीपैड पर हुई। हेलीकॉप्टर जब उतर रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और पीछे का हिस्सा टूट गया। हादसे के बाद हेलीकॉप्टर का पिछला भाग टेढ़ा हो गया, लेकिन किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई। हेलीकॉप्टर में सिर्फ पायलट और दो डॉक्टर सवार थे। तीनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
पायलट की सूझबूझ ने बचाई जान
हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग सही तरीके से करवाने में पायलट की सूझबूझ की तारीफ की जा रही है। अगर हेलीकॉप्टर क्रैश करता, तो बड़ा नुकसान हो सकता था। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। तकनीकी टीम यह पता लगाएगी कि हेलीकॉप्टर में आखिर क्या खराबी आई थी। केदारनाथ जैसे दुर्गम और संवेदनशील स्थानों पर हेलीकॉप्टर सेवा बहुत जरूरी होती है, खासकर इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं के लिए। इस घटना ने एक बार फिर हेलीकॉप्टर सुरक्षा और रख-रखाव की जरूरत को उजागर कर दिया है।
मरीज को लेकर जाना था
जानकारी के अनुसार, यह हेलीकॉप्टर एम्स ऋषिकेश की मेडिकल टीम को लेकर केदारनाथ धाम आया था। टीम एक मरीज को इलाज के लिए वापस ऋषिकेश ले जाने वाली थी। लेकिन अचानक हेलीकॉप्टर में तकनीकी गड़बड़ी आने के कारण उसे इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। हादसे के बाद हेलीकॉप्टर की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि उसका पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन यह घटना एक बार फिर हेली सेवाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है।




