नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। सपा नेता अबू आजमी अक्सर अपने विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहते है। ऐसे ही एक बार फिर उन्होंने बेतुका बयान दिया है। अबू आजमी ने महाराष्ट्र की प्रसिद्ध ‘वारी यात्रा’ को लेकर एक विवादास्पद बयान देकर नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।
महाराष्ट्र के सपा चीफ और विधायक अबू आजमी ने हाल ही में पंढरपुर में संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम की पालखी यात्रा को लेकर विवादास्पद बयान देकर नया बवाल खड़ा हो सकता है। यात्रा को लेकर सपा नेता ने कहा कि इस यात्रा के चलते सड़कों पर जाम लग जाता है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है।
‘हिंदुओं के त्योहारों पर मुसलमान को कोई आपत्ति नहीं’
इस यात्रा पर अबू आजमी ने सवाल उठाया कि, हिंदुओं के त्योहारों पर मुसलमान को कोई आपत्ति नहीं जताते, लेकिन जब मुसलमान नमाज अदा करते हैं, तब शिकायतें की जाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि, “मस्जिद के बाहर नमाज नहीं पढ़ी जा सकती, इसका विरोध होता है। लेकिन, हम हमेशा हिंदू भाइयों के साथ मिल-जुलकर रहना चाहते है।”
‘किसी भी मुसलमान ने कोई शिकायत नहीं की’
उन्होंने कहा, “आज तक किसी भी मुस्लिम ने यह शिकायत नहीं की कि हिंदू त्योहारों की वजह से रास्ता बंद होता है। लेकिन, जब मस्जिद में नमाज पढ़ी जाती है, तो यूपी के सीएम कहते हैं कि अगर बाहर नमाज पढ़ी गई तो पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।”
वारी की वजह से ट्रैफिक जाम होता है- अबू आजमी
अपने इस बयान में विधायक अबू आजमी ने यह भी आरोप लगाया कि, मुसलमानों को सार्वजनिक जमीन या आयोजन के लिए आसानी से जगह नहीं मिलती। उन्होंने आगे कहा, “आज जब मैं सोलापुर आ रहा था, तब मुझे बताया गया कि पालखी आने वाली है, जल्दी निकलो वरना रास्ता जाम हो जाएगा।
‘इसका हमने कभी विरोध नहीं किया’
वारी की वजह से ट्रैफिक जाम होता है, लेकिन हमने कभी इसका विरोध नहीं किया। मुसलमानों के लिए जानबूझकर जमीन नहीं दी जाती।” गौरतलब है कि, संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज की पालखी फिलहाल पुणे की दिशा से पंढरपुर की ओर प्रस्थान कर रही है। ऐसे में सपा के विधायक अबू आजमी के इस बयान से सियासी विवाद गहराने की संभावना है।




