नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । पंजाब से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को अदालत ने चार साल की सजा सुनाई है। यह फैसला 12 साल पुराने छेड़छाड़ और युवती के साथ मारपीट के मामले में खडूर साहिब सीट से AAP के विधायक को दोषी ठहराने के बाद आया है।
कोर्ट के फैसले के बाद विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को गिरफ्तार कर लिया गया था। शुक्रवार (12 सितंबर) को कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाया। इस मामले में लालपुरा के साथ 10 अन्य लोगों को भी दोषी ठहराया गया है।
3 मार्च 2013 को महिला पर हुआ था हमला
3 मार्च 2013 को तरन तारन के गोइंदवाल साहिब में एक शादी समारोह के दौरान पीड़ित महिला पर पुलिसकर्मियों, मनजिंदर सिंह लालपुरा और अन्य आरोपियों ने हमला किया था। यह घटना 12 साल पुराने इस मामले की नींव बनी, जिसमें अब अदालत ने लालपुरा और 10 अन्य को दोषी ठहराया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला
मनजिंदर सिंह लालपुरा, आठ पुलिसकर्मियों और तीन अन्य के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाने), 506 (आपराधिक धमकी), 148 और 149 के साथ-साथ SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
क्या मनजिंदर सिंह की खत्म होगी विधायकी?
अगर किसी विधायक को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। बुधवार को कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता ने कहा कि वह न्याय पाकर खुश है।
कांग्रेस प्रत्याशी को हराकर विधायक बने थे मनजिंदर सिंह
पीड़िता के वकील के मुताबिक, जब यह मामला सामने आया था, तब मनजिंदर सिंह लालपुरा एक टैक्सी ड्राइवर थे। साल 2022 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें तरन तारन की खडूर साहिब सीट से उम्मीदवार बनाया, और उन्होंने 55,756 वोटों के अंतर से कांग्रेस को हराकर जीत हासिल की।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था केस
बता दें कि, यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पीड़ित महिला, उसके रिश्तेदार जगजीत सिंह (जो चश्मदीद थे) और गांव के सरपंच को पैरामिलिट्री सुरक्षा देने का निर्देश दिया था। 19 मार्च 2013 को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मामले में शामिल सात पुलिसकर्मियों को तुरंत ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।





